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पालमपुर में खुद को पत्रकार बताने वाला व्यक्ति दो लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
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आरोपी अमीर चंद डोगरा ने जमीन विवाद की फर्जी खबर हटाने के लिए मांगे थे 15 लाख और ऑडी कार
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धर्मशाला विजिलेंस की विशेष टीम ने योजना के तहत की कार्रवाई, मामला दर्ज
- देहरा से उठी पत्रकारिता की गरिमा बचाने की आवाज़, फर्जी ब्लॉगर्स पर कार्रवाई की मांग
- पत्रकारों ने किया मंथन, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
Vigilance Bribery Arrest: जिला कांगड़ा के पालमपुर क्षेत्र में आज एक कथित पत्रकार को दो लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। नॉर्थ जोन धर्मशाला विजिलेंस की विशेष टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपी अमीर चंद डोगरा लंबे समय से खुद को एक न्यूज चैनल का रिपोर्टर बताकर लोगों पर दबाव बनाता आ रहा था।
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब अमीर चंद ने एक स्थानीय व्यवसायी भुवनेश सूद के जमीन विवाद पर आधारित एक गलत और भ्रामक खबर प्रसारित की। जब भुवनेश सूद ने खबर को हटवाने का अनुरोध किया, तो आरोपी ने 15 लाख रुपये और एक ऑडी कार की मांग रख दी। बाद में दोनों के बीच 12 लाख रुपये में सौदा तय हुआ।
भुवनेश सूद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धर्मशाला विजिलेंस कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई। एसपी विजिलेंस के निर्देश पर एएसपी बद्री सिंह की अगुवाई में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने योजनाबद्ध तरीके से आरोपी को रिश्वत लेते हुए धर दबोचा।
गिरफ्तारी उस समय हुई जब अमीर चंद ने पहली किस्त के तौर पर दो लाख रुपए लिए। इसके बाद विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। एएसपी बद्री सिंह के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार और जबरन वसूली की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
टीम यह भी जांच कर रही है कि क्या इससे पहले भी आरोपी ने इसी तरह से और लोगों से अवैध वसूली की है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी फर्जी पत्रकारिता के नाम पर कई लोगों को धमका चुका है।
उधर, पत्रकारिता की विश्वसनीयता और गरिमा को बनाए रखने की दिशा में देहरा से एक अहम आवाज़ उठी है। श्री बालाजी हवेली होटल में आयोजित क्षेत्रीय पत्रकारों की एक विशेष बैठक में फर्जी ब्लॉगर्स और अप्रमाणिक सोशल मीडिया पत्रकारिता के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि फेक न्यूज व झूठे प्रचार से पत्रकारिता की छवि को बचाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उसके बाद देहरा के दो दिवसीय दौरे पर आए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भी पत्रकारों द्वारा दिया गया।
पत्रकारों ने कहा कि आज पत्रकारिता की नींव को कुछ लोग सोशल मीडिया के जरिये झूठ, एकतरफा प्रचार और सनसनी फैलाकर कमजोर कर रहे हैं। ऐसे स्वघोषित ‘ब्लॉगर पत्रकार’ न तो पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों को मानते हैं और न ही किसी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य केवल लाइक, व्यू और व्यक्तिगत प्रचार है, जिससे पत्रकार समुदाय की साख पर सवाल उठ रहे हैं।
सभी पक्षों को दिखाना पत्रकारिता की जिम्मेदारी
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि एक सच्चा पत्रकार समाज के प्रति जवाबदेह होता है और सभी पक्षों को निष्पक्षता से प्रस्तुत करता है। लेकिन सोशल मीडिया पर सक्रिय कुछ ब्लॉगर्स तथ्यों की पुष्टि किए बिना केवल एकतरफा खबरें प्रसारित कर रहे हैं, जो जनता, प्रशासन और सरकार को भ्रमित करती हैं।
झोलाछाप पत्रकारों की पहचान जरूरी
पत्रकारों ने चिंता जताई कि सोशल मीडिया की पहुंच बढ़ने के साथ ही ऐसे लोग भी सक्रिय हो गए हैं जो न तो किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से जुड़े हैं और न ही उनके पास पत्रकारिता का कोई प्रमाण है। ऐसे फर्जी पत्रकारों को चिन्हित कर अलग करना आवश्यक हो गया है।
मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन
पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को इस मुद्दे पर ज्ञापन सौंपा, जिसमें फर्जी ब्लॉगर्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि केवल RNI (रजिस्ट्रार ऑफ न्यूजपेपर्स फॉर इंडिया) से पंजीकृत समाचार संस्थानों के पत्रकारों को ही मान्यता दी जाए।
येलो कार्ड प्रणाली लागू करने का सुझाव
बैठक में एक महत्वपूर्ण सुझाव भी सामने आया—सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकारों को ‘येलो कार्ड’ जारी किया जाए, जिससे उनकी पहचान स्पष्ट हो सके। इससे राजनीतिक रैलियों, प्रेस कॉन्फ्रेंसों और अन्य आयोजनों में केवल असली पत्रकारों को प्रवेश मिलेगा और फर्जीवाड़ा रोका जा सकेगा।
देहरा से शुरू हुई इस पहल को प्रदेशभर के पत्रकारों का समर्थन मिलने की उम्मीद है। पत्रकारों ने कहा कि यह केवल पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान की बात नहीं, बल्कि समाज को सही और निष्पक्ष सूचना देने की जिम्मेदारी से जुड़ा मुद्दा है। यह आंदोलन आने वाले समय में पत्रकारिता के मूल्यों की पुनर्स्थापना का आधार बन सकता है।



