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दरोडी के पुनीत बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट, गांव में हुआ भव्य स्वागत

➤ कंदरोडी के पुनीत मनकोटिया बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट
➤ गांव पहुंचने पर हुआ ढोल-नगाड़ों से भव्य स्वागत
➤ प्रेरणादायक संघर्ष: सिपाही से लेफ्टिनेंट तक का सफर

दौलत चौहान, ज्‍वाली


Indian Army: हिमाचल प्रदेश के कंदरोडी गांव के लिए रविवार का दिन गौरव और सम्मान का क्षण लेकर आया, जब गांव के पुनीत मनकोटिया भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपने घर लौटे। जैसे ही पुनीत गांव पहुंचे, पूरा माहौल देशभक्ति और गर्व की भावना से भर उठा। गांववासियों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया और इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र की प्रेरणा बताया।

इस अवसर पर इंदौरा बीडीसी अध्यक्ष सहदेव ठाकुर भी विशेष रूप से मौजूद रहे, जिन्होंने पुनीत को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और कहा कि, “पुनीत की यह उपलब्धि युवा वर्ग को प्रेरणा देगी कि लगन और परिश्रम से कुछ भी असंभव नहीं।”

पुनीत मनकोटिया की यात्रा सामान्य नहीं रही, बल्कि एक सच्ची संघर्षगाथा है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय नंगल भूर से प्राप्त की और 2009 में भारतीय सेना में बतौर सिपाही नियुक्त हुए। सेना में सेवाएं देते हुए भी उन्होंने शिक्षा नहीं छोड़ी और इग्नू विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की

वर्ष 2019 में उन्हें रेजिमेंटल हवलदार मेजर के पद पर पदोन्नत किया गया। यही नहीं, साल 2023 में उन्होंने भारतीय सेना के माध्यम से इज़रायल में संयुक्त राष्ट्र मिशन के अंतर्गत एक वर्ष तक सेवा दी। यह सेवा उनकी अंतरराष्ट्रीय योग्यता और समर्पण का प्रमाण है।

इसके बाद, 2024 में उन्होंने एससीओ (Service Commission Officer) परीक्षा पास की, और एक वर्ष तक भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देहरादून में कड़े प्रशिक्षण के बाद वे लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हुए।

पुनीत का यह सफर ‘सिपाही से लेफ्टिनेंट’ बनने तक का प्रेरणादायक उदाहरण है कि यदि मन में लक्ष्य हो और आत्मबल मजबूत हो, तो कोई भी ऊंचाई दूर नहीं। उनका यह मुकाम आज हर युवा को यह संदेश दे रहा है कि मेहनत और समर्पण ही सफलता की कुंजी है।