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चमियाना सुपर स्पेशलिटी में आईपीडी शुरू , सीएम ने किया निरीक्षण

  • गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, यूरोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी विभाग अब आईजीएमसी से चमियाना स्थानांतरित

  • अब ओपीडी के साथ आईपीडी और ऑपरेशन थियेटर सेवाएं भी चमियाना में उपलब्ध

  • सीएम सुक्खू ने चमियाना में 337 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशलिटी संस्थान का किया उद्घाटन


Chamyana Super Specialty Hospital: इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC), शिमला के तीन प्रमुख विभाग — गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, यूरोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी — को चमियाना स्थित अटल सुपर स्पेशलिटी संस्थान में शिफ्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही अब मरीजों को ऑपरेशन थियेटर, लैब और आंतरिक रोगी विभाग (IPD) की सेवाएं भी यहीं मिलेंगी, जिससे उन्हें IGMC और चमियाना के बीच दौड़-धूप नहीं करनी पड़ेगी।

गुरुवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने चमियाना में इस सुपर स्पेशलिटी संस्थान के आईपीडी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल, पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश भी दिए

337 बिस्तरों की सुविधा से सुसज्जित चमियाना संस्थान में आधुनिक ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था भी की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छह महीनों में यहां सभी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवा दी जाएंगी

अब तक इन विभागों की ओपीडी चमियाना में होती थी जबकि भर्ती मरीजों को IGMC भेजा जाता था। इससे मरीजों को दिक्कत होती थी। अब ओपीडी, आईपीडी और सर्जिकल सेवाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी, जिससे मरीजों की सहूलियत बढ़ेगी।

गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, यूरोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी विभागों को 20-20 बिस्तरों वाले वार्ड दिए गए हैं और ऑपरेशन थियेटर अब रोजाना उपलब्ध रहेगा। गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी में पेट और पाचन तंत्र, यूरोलॉजी में मूत्र व गुर्दा, और प्लास्टिक सर्जरी में जलन, कटाव व विकृति जैसी समस्याओं का इलाज होता है।

इसके साथ ही अब चमियाना अस्पताल में छह सुपर स्पेशलिटी विभाग कार्यरत हैं — गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और एंडोक्रिनोलॉजी। इससे यह संस्थान हिमाचल का प्रमुख मेडिकल हब बनने की ओर अग्रसर है।

आपातकालीन सेवाएं फिलहाल IGMC में ही उपलब्ध रहेंगी, जबकि चमियाना में इन सेवाओं को बाद में शुरू किया जाएगा। सुविधा के लिए ढली टनल से हर घंटे टेंपो ट्रैवलर चलाए जा रहे हैं, ताकि मरीजों को परिवहन में असुविधा न हो।