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कृषि मंत्री ने ज्वाली में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में लिया भाग
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जैविक हल्दी की खेती पर सरकार दे रही है ₹90/किलो MSP
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महिला मंडलों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान
ज्वाली, दौलत चौहान: ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय महिला मंडलों ने कृषि मंत्री का शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कड़े प्रयास कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से हल्दी की जैविक खेती को एक लाभदायक व्यवसाय बताया और कहा कि सरकार ने प्राकृतिक रूप से उगाई गई कच्ची हल्दी पर ₹90 प्रति किलोग्राम की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय की है।
उन्होंने कहा कि हल्दी न केवल औषधीय गुणों से भरपूर है बल्कि इसका उपयोग दवा, खाद्य और कॉस्मेटिक उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर होता है। इस कारण से इसकी देश और विदेश में लगातार बढ़ती मांग है। मंत्री ने महिलाओं से आग्रह किया कि वे स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हल्दी की जैविक खेती अपनाएं और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करें।
मंत्री चंद्र कुमार ने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए नीतिगत और वित्तीय सहायता के साथ काम कर रही है, ताकि किसानों और ग्रामीण समुदायों की आय में वास्तविक बढ़ोतरी हो सके।
बाइट: “हल्दी की जैविक खेती न सिर्फ आपकी आर्थिकी को मजबूत करेगी, बल्कि देश को स्वास्थ्य की दिशा में भी नई दिशा देगी।” — प्रो. चंद्र कुमार, कृषि मंत्री



