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राज्यपाल करेंगे हरोली उत्सव का शुभारंभ, नशा निवारण थीम पर होगा आयोजन

  • राज्य स्तरीय हरोली उत्सव-2025 की तैयारियां पूरी, कांगड़ मैदान सजाया गया

  • उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मैदान और शोभायात्रा मार्ग का निरीक्षण किया

  • नशा मुक्ति थीम के साथ भव्य सांस्कृतिक, खेल और विकास कार्यक्रम होंगे आयोजित


Haroli Festival 2025:   कांगड़ मैदान राज्य स्तरीय हरोली उत्सव-2025 के लिए पूरी तरह सज-धजकर तैयार हो गया है। 27 से 29 अप्रैल तक आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय उत्सव के लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को कांगड़ मैदान का निरीक्षण किया और प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री पीजी कॉलेज, हरोली से कांगड़ मैदान तक प्रस्तावित शोभायात्रा मार्ग का भी जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभागों को आयोजन की सफलता के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

उत्सव का शुभारंभ 27 अप्रैल को शाम 5 बजे राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल द्वारा किया जाएगा। राज्यपाल भव्य शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे और उसके उपरांत कांगड़ मैदान में समारोह का उद्घाटन करेंगे। 28 अप्रैल को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री मुख्य अतिथि के रूप में मध्योत्सव की शोभा बढ़ाएंगे, जबकि 29 अप्रैल को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कर कमलों से समापन समारोह संपन्न होगा।

इस वर्ष उत्सव की थीम “नशा निवारण” तय की गई है, जिसके तहत “नशा मुक्त ऊना – नशा मुक्त हिमाचल” का संदेश जन-जन तक पहुँचाया जाएगा। शोभायात्रा में स्वयं सहायता समूहों, विद्यालयों के विद्यार्थियों, सांस्कृतिक दलों तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे और “नशे को ना, जिंदगी को हां” का संदेश देंगे।

कला और संस्कृति के संगम के तहत उत्सव के तीनों दिन स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी।
27 अप्रैल को पंजाबी गायक मनकीरत औलख, हिमाचली गायक कुमार साहिल एवं अर्शप्रीत दर्शकों को अपने सुरों से मंत्रमुग्ध करेंगे।
28 अप्रैल को इंडियन आइडल फेम नितिन कुमार, अनुज शर्मा और प्रख्यात गायक एसी भारद्वाज अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
29 अप्रैल को समापन समारोह में स्टार पंजाबी गायक गैरी संधू और जसबीर जस्सी विशेष प्रस्तुतियां देंगे। इसके अतिरिक्त, अफ्रीकन डांस, रशियन फायर डांस तथा यूक्रेनियन ड्रम बैंड जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियां भी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

पारंपरिक खेलों जैसे छिंज, कुश्ती, कबड्डी, रस्साकशी और मटका दौड़ के आयोजन के साथ-साथ महिला मंडलों, युवक मंडलों और विद्यालयों के लिए रोचक प्रतियोगिताएं भी करवाई जाएंगी। विभागीय विकास प्रदर्शनी और स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल उत्सव की भव्यता को और बढ़ाएंगे।

गौरतलब है कि सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के प्रयासों से यह भव्य आयोजन संभव हो पाया है। यह उत्सव हरोली क्षेत्र की संस्कृति, परंपराओं के संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता के संकल्प को समर्पित है।