➤ चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर तीन जगह लैंडस्लाइड, मार्ग बंद
➤ शिमला और मंडी में भारी भूस्खलन, वाहन व भवन खतरे में
➤ मौसम विभाग ने 21 अगस्त तक बारिश का यलो अलर्ट जारी किया
हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश का कहर लगातार जारी है। बीती रात की बारिश ने प्रदेश की लाइफलाइन माने जाने वाले चंडीगढ़-मनाली फोरलेन को फिर से ठप कर दिया है। मंडी ओट, कैंची मोड़ और जोगनी माता के पास हुए भूस्खलन के कारण हाईवे तीन स्थानों पर अवरुद्ध हो गया है। जोगनी नाले का तेज पानी सीधे फोरलेन पर बह रहा है, जिससे सफर पूरी तरह ठप हो गया है।

स्थिति इतनी गंभीर है कि मंडी से कुल्लू जोड़ने वाली वैकल्पिक कटौला सड़क भी आईआईटी कमांद के पास मलबे से बंद हो चुकी है। हाईवे दोनों ओर से जाम हो गया है और वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं। ड्राइवर हाईवे खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, मंडी के पंडोह में भारी बारिश के चलते बिजली का टावर ध्वस्त हो गया, जिससे बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है।

शिमला में भी हालात बिगड़ गए हैं। देवनगर के टीसीपी दफ्तर के पास सुबह भूस्खलन हुआ, जिसमें दो से अधिक गाड़ियां मलबे में दब गईं। इसके कारण भट्टाकुफर-मैहली और आईएसबीटी सड़क पूरी तरह बंद हो गई है। इस पहाड़ी के पीछे बने भवनों को भी खतरा मंडरा रहा है। वहीं, सुन्नी में सतलुज नदी के उफान से एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश में बारिश का दौर अभी थमने वाला नहीं है। 21 अगस्त तक कई हिस्सों में बारिश जारी रहने का अनुमान है। विभाग ने आज ऊना, कांगड़ा, चंबा और शिमला जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, 17 अगस्त को कांगड़ा, मंडी और शिमला, 18 अगस्त को कांगड़ा व सिरमौर, और 19 अगस्त को ऊना व कांगड़ा में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।




