➤ कर्मचारियों के DA पर हिमाचल विधानसभा में जोरदार हंगामा और BJP का वॉकआउट
➤ CM सुक्खू बोले जल्द जारी होगी महंगाई भत्ते की किश्त, विपक्ष ने साधा निशाना
➤ डॉ. परमार को भारत रत्न देने की मांग और दफ्तर शिफ्टिंग पर भी छिड़ी बहस
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को लेकर जमकर हंगामा हुआ। भाजपा विधायकों ने वेल में नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार बजट में डीए देने का वादा करने के बावजूद अब तक कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं दे पाई है।
भाजपा विधायक सत्तपाल सत्ती ने सवाल उठाते हुए कहा कि कर्मचारियों का डीए और एरियर बकाया है और सरकार इसे लटकाए हुए है। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि बजट में घोषित डीए की किश्त जल्द जारी होगी। लेकिन विपक्ष ने इसे झूठा आश्वासन बताते हुए कहा कि मई तक डीए देने की बात कही गई थी, जबकि अब तीन महीने से कर्मचारी इंतजार कर रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर कर्मचारियों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 11 प्रतिशत डीए ड्यू है और कर्मचारी लगातार इसकी मांग कर रहे हैं। ठाकुर ने याद दिलाया कि वीरभद्र सिंह सरकार का छोड़ा एरियर भाजपा सरकार ने चुकाया था, जबकि मौजूदा सरकार कह रही है कि भाजपा ने 10 हजार करोड़ का एरियर छोड़ा।
इस हंगामे के बीच सदन में एक और बड़ा मुद्दा उठा। नाहन से कांग्रेस विधायक अजय सोलंकी ने गैर सरकारी संकल्प के तहत हिमाचल निर्माता और पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार को भारत रत्न देने की मांग रखी। डॉ. परमार ने 1948 में 30 रियासतों को मिलाकर हिमाचल की नींव रखी थी और 1971 में इसे पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने में अहम योगदान दिया था।
वहीं, सदन में आज इको टूरिज्म पॉलिसी और हिमालयी पारिस्थितिकी संरक्षण पर भी चर्चा होनी है। इसके साथ ही शिमला से बागवानी निदेशालय को ठियोग शिफ्ट करने का मुद्दा भी गरमा सकता है। सूत्रों के अनुसार, ठियोग विधायक कुलदीप सिंह राठौर अपनी ही सरकार के इस फैसले का विरोध कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, आज का विधानसभा सत्र डीए हंगामे, भारत रत्न की मांग और दफ्तर शिफ्टिंग विवाद के चलते बेहद गरमाया रहा।



