➤एनएएस में हिमाचल 21वें से 5वें स्थान पर पहुंचा
➤शिक्षा मंत्री ने खराब प्रदर्शन वाले स्कूलों पर सख्ती की चेतावनी दी
➤मानसून में छात्रों की छुट्टी लेकिन शिक्षकों को स्कूल आना अनिवार्य
शिमला। हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इस कड़ी में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों और शिक्षकों को दिशा-निर्देश जारी किए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (NAS) में हिमाचल प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश ने 2021 में 21वें स्थान से छलांग लगाकर अब 5वें स्थान पर अपनी जगह बनाई है। यह सफलता सरकार की नीतियों और शिक्षकों के समर्पण का परिणाम है। शिक्षा मंत्री ने सभी को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और इसे और बेहतर करने का आह्वान किया।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और खेल के विकास पर जोर देते हुए रोहित ठाकुर ने कहा कि मानसून के दौरान छात्रों को छुट्टी दी जाएगी, लेकिन शिक्षकों को नियमित रूप से स्कूल आना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग को आपदा राहत फंड से 30 करोड़ रुपये मिले हैं, जो 2023 की आपदा से प्रभावित करीब 70 प्रतिशत स्कूलों के पुनर्निर्माण पर खर्च किए जाएंगे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 56 स्कूलों को डे-बोर्डिंग स्कूलों में स्तरोन्नत किया जाएगा। इसके अलावा, अटल आदर्श विद्यालयों का निरीक्षण कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। 187 दिव्यांग जेबीटी और 194 शास्त्री शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने तथा ड्राइंग मास्टर्स की नियुक्ति भी समयबद्ध ढंग से करने के आदेश दिए गए।
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट कहा कि स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती विद्यार्थियों की संख्या और वास्तविक जरूरत के आधार पर की जाएगी। उन्होंने अनावश्यक डेपुटेशन तत्काल रद्द करने और केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही डेपुटेशन देने का निर्देश दिया।
रोहित ठाकुर ने चेतावनी दी कि खराब प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों और जिन स्कूलों में परिणाम शून्य रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मेधावी छात्रों को समय पर टैबलेट वितरित करने और सभी स्तरों पर प्रमोशन प्रक्रिया में तेजी लाने के आदेश दिए।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि अगले शैक्षणिक सत्र से कॉलेजों में युक्तिकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और नए कौशल आधारित व व्यावसायिक विषयों की पढ़ाई करवाई जाएगी। जिन कॉलेजों में अभी तक मनोविज्ञान और समाजशास्त्र के विषय उपलब्ध नहीं हैं, वहां इन्हें शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाकर हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का प्रयास कर रही है।



