➤ 500 युवाओं को ई-टैक्सी और 500 युवाओं को ई-रिक्शा खरीदने के लिए मिलेगा 50 प्रतिशत अनुदान
➤ प्रदेश में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे संचालन की अनुमति
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को श्रम एवं रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य आम लोगों और उद्यमियों को अधिक से अधिक सुविधाएं प्रदान करना है, ताकि सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान और पारदर्शी बन सके।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिए कि प्रमाण-पत्र, लाइसेंस और अन्य सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन और डिजिटाइज किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सभी प्रक्रियाएं डिजिटल माध्यम से सरल तरीके से उपलब्ध हों।
मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा भी की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से सभी पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे और इसके लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत बनाया जाए।
युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना-2023 के तहत युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने घोषणा की कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 500 अतिरिक्त युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इसके लिए बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा सरकार 500 युवाओं को ई-रिक्शा खरीदने के लिए भी 50 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान प्रदान करेगी। यह सहायता प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और प्रदेश में पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देना है।
व्यापार और उद्योग को नई गति देने के लिए प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1969 तथा संबंधित नियमों में संशोधन किया है। नए प्रावधानों के तहत अब प्रदेश में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे संचालन की अनुमति दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, उद्यमियों को अधिक सुविधा मिलेगी और उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय खरीदारी कर सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अनुपालन प्रणाली को सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है, ताकि निवेश और व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सके।
बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, मुख्य सचिव के.के. पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव प्रियंका बसु इंग्टी, श्रम आयुक्त वीरेंद्र शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



