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सेब सीजन की तैयारी: मंत्री ने की बागवानों से बैठक, दो कमेटियों का गठन

▪︎ आगामी सेब सीजन की तैयारी को लेकर बागवानी मंत्री ने की अहम बैठक
▪︎ यातायात, ढुलाई, मार्केटिंग और यूनिवर्सल कार्टन पर चर्चा, अधिकारियों को निर्देश
▪︎ बागवानों की समस्याओं के समाधान के लिए दो विशेष कमेटियों का गठन

पराक्रम चंद, शिमला


Apple Season Himachal: आगामी सेब सीजन को सफल बनाने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश के बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने शिमला सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सेब बागवानों के प्रतिनिधि, बागवानी व कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, यातायात, मार्केटिंग, और ढुलाई से जुड़े संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सेब सीजन के संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियों और संभावित समाधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में यूनिवर्सल कार्टन, सड़कों की स्थिति, सेब ढुलाई के साधनों, CA स्टोरेज, सेब व्यापारियों द्वारा भुगतान में देरी, और सेब की गुणवत्ता एवं उत्पादन सुधार जैसे विषयों पर चर्चा हुई। बागवानों ने सुझाव दिया कि बड़े-बड़े CA स्टोरेज की बजाय छोटे-छोटे स्टोर बनाए जाएं, ताकि स्थानीय स्तर पर सेब को सुरक्षित रखा जा सके और लागत भी कम आए। इसके अतिरिक्त, बागवानों ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि सेब की मार्केटिंग के पारदर्शी और न्यायपूर्ण ढाँचे तैयार किए जाएं, जिससे किसानों को उनका उचित मूल्य मिल सके।

बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि सरकार की मंशा है कि बागवानों को इस सीजन में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने दो विशेष समन्वय समितियों (कमेटियों) के गठन का निर्णय लिया है—एक का नेतृत्व बागवानी विभाग और दूसरी का कृषि विभाग करेगा। ये कमेटियां बागवानों की समस्याओं का समाधान, सीजन की प्रभावी योजना और दीर्घकालिक नीति निर्माण के लिए सुझाव तैयार करेंगी।

बैठक में यह बात भी सामने आई कि बागवानों के करोड़ों रुपये अभी भी व्यापारियों के पास अटके हुए हैं, जिस पर राज्य सरकार उचित कदम उठाएगी। बागवानों द्वारा दी गई राय को नीति निर्माण में प्राथमिकता दी जाएगी।

इस बैठक को प्रदेश के बागवानी क्षेत्र के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके ज़रिए सीजन पूर्व तैयारियों को समय रहते सुचारू रूप देने का प्रयास किया गया है।