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हिमाचल हाईकोर्ट का फैसला:मातृभूमि की निंदा किए बिना किसी देश की प्रशंसा करना राजद्रोह नहीं, पाकिस्तान जिंदाबाद लिखने वाले को सशर्त जमानत

हाईकोर्ट ने आरोपी सुलेमान को सशर्त जमानत दी
‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ पोस्ट को राजद्रोह नहीं माना कोर्ट ने साफ किया
₹50 हजार मुचलके और शर्तों के साथ मिली जमानत


 हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में पांवटा साहिब के फल विक्रेता सुलेमान को ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ पोस्ट करने के मामले में सशर्त जमानत दे दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भारत की निंदा किए बिना किसी अन्य देश की प्रशंसा करना राजद्रोह की श्रेणी में नहीं आता, क्योंकि इससे न तो अलगाववादी भावनाएं उकसती हैं और न ही हिंसक या विध्वंसकारी गतिविधियां भड़कती हैं।

जस्टिस राकेश कैंथला ने कहा कि सुलेमान पर ऐसा कोई आरोप साबित नहीं हुआ कि उसने भारत में स्थापित सरकार के प्रति असंतोष या घृणा फैलाई हो।

मामला 27 मई को सामने आया था जब सुलेमान ने सोशल मीडिया पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ लिखते हुए प्रधानमंत्री की तस्वीर साझा की थी। इस पर भारतीय न्याय संहिता (BMS) 2023 की धारा 152 के तहत पांवटा साहिब थाने में केस दर्ज हुआ।

सुलेमान गरीब और अनपढ़ फल विक्रेता है, जो सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है और पांवटा साहिब में फल-सब्जियां बेचता है। आरोपी का कहना है कि उसका फेसबुक अकाउंट बेटे ने बनाया था और शिकायतकर्ता को उसके मोबाइल फोन तक पहुंच थी।

आरोपी ने 8 जून को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसका मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए एसएफएसएल जुन्गा भेजा गया। पुलिस ने 6 अगस्त को चार्जशीट ट्रायल कोर्ट में दायर की, लेकिन जमानत याचिका खारिज हो गई। आखिरकार हाईकोर्ट ने ₹50 हजार के मुचलके और समान राशि के जमानतदार के साथ जमानत दी।

जमानत की शर्तें:

  • आरोपी गवाहों को धमकाएगा नहीं, न सबूतों को प्रभावित करेगा।

  • हर सुनवाई में उपस्थित रहना होगा और स्थगन नहीं मांगा जाएगा।

  • बिना अनुमति 7 दिन से अधिक पते से बाहर नहीं जा सकेगा।

  • पासपोर्ट हो तो कोर्ट को सौंपना होगा।

  • मोबाइल नंबर व सोशल मीडिया विवरण पुलिस व कोर्ट को देना होगा।