➤ रातभर की भारी बारिश के बाद कई जिलों में शिक्षण संस्थान बंद
➤ पांवटा साहिब में यमुना नदी का रौद्र रूप, मंदिर घाट तक पहुंचा पानी
➤ गिरी और टोंस नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि, प्रशासन अलर्ट पर
हिमाचल प्रदेश में मंगलवार देर रात से लगातार मूसलधार बारिश जारी है, जिससे कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। भूस्खलन, जलभराव और नदी-नालों के उफान के चलते शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के कई क्षेत्रों में आज सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं।
शिमला शहर, ठियोग, चौपाल और कुमारसैन डिवीजन के स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की गई है। डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने जानकारी दी है कि सोलन जिले के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र आज बंद रहेंगे, हालांकि अध्यापक और कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचेंगे।

सबसे चिंताजनक स्थिति जिला सिरमौर के पांवटा साहिब की है, जहां यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। श्री राधा कृष्ण यमुना मंदिर के घाट की निचली सीढ़ियों तक पानी पहुंच चुका है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है।
गिरी नदी, जो यमुना की सहायक नदी है, का जलस्तर भी जटोन बैराज में तेजी से बढ़ा, जिसके चलते गेट खोलने पड़े। साथ ही, टोंस नदी का स्तर भी बढ़ा है, जो उत्तराखंड की सीमा से होकर हिमाचल की ओर बहती है और यमुना में मिलती है।

रेणुका, किल्लोड, और यमुना किनारे बसे अन्य गांवों में प्रशासन ने चेतावनी जारी की है। उत्तराखंड के आसन बैराज से भी रविवार रात पानी छोड़ा गया, जिससे हिमाचल के निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन रही है।

आपातकालीन स्थिति में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिरमौर से 1077 या 112 नंबर पर निशुल्क संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन ने लोगों से नदियों के किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।



