Follow Us:

हिमाचल में किसानों की अनसुनी आवाज़, नाहन में उठी मांगों की गूंज

किसानों को नहीं मिल रहा फल-सब्जियों का सही मूल्य: डॉ. कुलदीप तंवर
हिमाचल किसान सभा चलाएगी अधिकार जागरूकता अभियान
दूध के दाम बढ़ाने पर सरकार का जताया आभार, पर अन्य फसलों को लेकर नाराज़गी

देवेंद्र वर्मा, नाहन



हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में आज हिमाचल किसान सभा की प्रांत स्तरीय बैठक आयोजित हुई। इस बैठक की अध्यक्षता किसान सभा के राज्य अध्यक्ष डॉ. कुलदीप तंवर ने की। बैठक में प्रदेश के किसानों को फल, सब्जियों और फसलों के समर्थन मूल्य न मिलने, जमीनों से बेदखली, और सरकारी उदासीनता जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई।

डॉ. कुलदीप तंवर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रदेश के किसान आर्थिक और सामाजिक रूप से दबाव में हैं। किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, विशेषकर सेब और लहसुन जैसी प्रमुख फसलों का। उन्होंने कहा, “सरकारें किसानों के हितों के प्रति गंभीर नहीं हैं, और किसानों को समर्थन मूल्य जैसी बुनियादी राहत भी नहीं दी जा रही है।”

डॉ. तंवर ने यह भी कहा कि किसान सभा राज्यव्यापी जनजागरण अभियान चलाएगी, जिसमें किसानों को उनके संवैधानिक अधिकारों, कृषि नीतियों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी

दूध के दामों में हालिया वृद्धि को लेकर उन्होंने प्रदेश सरकार का आभार जताया, लेकिन साथ ही कहा कि ये कदम अधूरे हैं। “दूध के दाम बढ़ने से जहां किसान को थोड़ी राहत मिली है, वहीं अन्य कृषि उत्पादों की खरीद-फरोख्त अब भी किसानों के लिए घाटे का सौदा बनी हुई है।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि हिमाचल की 64 प्रतिशत आबादी कृषि पर आधारित है, लेकिन इसके बावजूद नीतिगत प्राथमिकता उद्योगों और अन्य क्षेत्रों को दी जा रही है। हिमाचल किसान सभा की मांग है कि हर फसल के लिए समर्थन मूल्य तय किया जाए और उसे कानूनी संरक्षण दिया जाए