➤ शिमला में LSD के साथ युवक-युवती गिरफ्तार, करीब 1 करोड़ की ड्रग्स बरामद
➤ कुल्लू में तैनात STF के 4 जवानों पर संदेह, दो हेड कांस्टेबल सहित सस्पेंड
➤ गुरुग्राम से मुख्य सप्लायर गिरफ्तार, कई राज्यों से जुड़े नेटवर्क के संकेत
शिमला: हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने न केवल ड्रग नेटवर्क बल्कि पुलिस तंत्र पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शिमला में पकड़ी गई करीब 1 करोड़ रुपये की LSD तस्करी के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के चार जवानों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।
यह मामला तब सामने आया जब शिमला पुलिस ने 10 मार्च को गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए बीसीएस क्षेत्र में दबिश दी और एक युवक-युवती को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान संदीप शर्मा और प्रिया शर्मा के रूप में हुई है। इनके पास से 562 स्ट्रिप यानी 11.570 ग्राम LSD बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी शिमला आने से पहले कुल्लू में इस ड्रग्स की खेप लेकर पहुंचे थे, जहां इसे बेचने की योजना थी। उसी दौरान STF के चारों संदिग्ध जवान कुल्लू में तैनात थे, जिससे उनकी भूमिका पर सवाल उठे हैं। प्रारंभिक जांच के आधार पर दो हेड कांस्टेबल और दो कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है।
इस मामले में पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए हरियाणा के गुरुग्राम से केरल निवासी नविल हेरिसन को गिरफ्तार किया है, जिसे इस नेटवर्क का मुख्य सप्लायर बताया जा रहा है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि LSD को किताबों और फॉर्मल पेपर के भीतर छिपाकर शिमला लाया गया था। मौके से तीन सिरिंज भी बरामद की गई हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि नशे का इस्तेमाल और वितरण दोनों स्तर पर काम हो रहा था।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह ड्रग नेटवर्क केवल हिमाचल तक सीमित नहीं है, बल्कि गोवा, दिल्ली और अन्य राज्यों से जुड़ा हो सकता है। एक स्ट्रिप की कीमत करीब 10 हजार रुपये बताई जा रही है, जिससे इस अवैध कारोबार के बड़े पैमाने का अंदाजा लगाया जा सकता है।
फिलहाल, सीआईडी और शिमला पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। जांच का फोकस इस बात पर है कि यह केवल बाहरी नेटवर्क का मामला है या इसमें अंदरूनी मिलीभगत भी शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल संदिग्ध पुलिसकर्मियों की भूमिका को लापरवाही के स्तर पर देखा जा रहा है, लेकिन जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
एसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
क्या है LSD ड्रग?
LSD (Lysergic acid diethylamide) एक शक्तिशाली हैलुसिनोजेनिक (मतिभ्रम पैदा करने वाली) सिंथेटिक ड्रग है। यह आमतौर पर कागज के छोटे टुकड़ों (ब्लॉट पेपर) पर दी जाती है और इसे जीभ पर रखकर लिया जाता है। यह दिमाग के सेरोटोनिन रिसेप्टर्स को प्रभावित कर सोच, भावना और व्यवहार में बदलाव लाती है।



