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भारी बारिश से NH पर गिरे पत्थर, कई वाहन क्षतिग्रस्त, लोग बाल- बाल बचे, मौसम का कहर जारी


मंडी में स्कूलों की छुट्टी, अब तक 170 की मौत और 1523 करोड़ का नुकसान
कोल डैम से पानी छोड़े जाने पर पंजाब में अलर्ट, आज भी ऑरेंज अलर्ट जारी



हिमाचल प्रदेश में लगातार दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। आज सुबह 5 बजे, कुल्लू जिले में सैंज-आनी-ओट नेशनल हाईवे पर भूस्खलन की बड़ी घटना सामने आई जब पहाड़ी से विशाल पत्थरों के गिरने से किनारे खड़ी 5 गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। इस हादसे में भले कोई जानहानि नहीं हुई, लेकिन वाहन पूरी तरह चकनाचूर हो गए।

प्रदेश के मंडी जिले में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। भारी बारिश के चलते लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मंडी जिले की टिकैन सब तहसील के सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। इसी तरह, चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर 4 मील के पास लैंडस्लाइड के बाद रास्ता फिर बंद हो गया है। वाया कटोला होकर जो वैकल्पिक मार्ग था, वह भी अब बंद हो चुका है, जिससे हजारों वाहन हाईवे पर फंसे हुए हैं।

प्रदेशभर में 357 सड़कें बंद, 700 से ज्यादा ट्रांसफॉर्मर ठप और 179 से अधिक पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। अकेले मंडी जिले में 254 सड़कें और 540 ट्रांसफॉर्मर बंद हैं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है।

आज सुबह कोल-डैम से सतलुज नदी में पानी छोड़ा गया, जिससे पंजाब में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। डैम प्रबंधन ने पंजाब के लोगों को सतर्क रहने को कहा है क्योंकि जल स्तर 4 से 5 मीटर तक बढ़ सकता है।

मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानी संदीप शर्मा के अनुसार, आज शाम तक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय रहने की संभावना है। कल से मानसून थोड़ा कमजोर पड़ेगा, लेकिन अगले 3 दिन तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा

मानसून सीजन में अब तक 170 लोग जान गंवा चुके हैं। इनमें से 30 लोगों की मौत बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ से हुई है जबकि 35 लोग अभी भी लापता हैं। इस सीजन में अब तक 1523 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। 26 बादल फटने, 43 फ्लैश फ्लड और 34 बड़े भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं।

अब तक प्रदेश में 1352 मकानों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें से 419 मकान पूरी तरह ढह चुके हैं। 293 दुकानें-ढाबे और 1187 गोशालाएं भी पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं।