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सीएम दो टूक : इलेक्शन कमीशन पर डिजास्टर एक्ट के प्रावधान लगेंगे, आपदा प्रबंधन अधिनियम हटने के बाद चुनाव; विपक्ष का वॉकआउट

➤ सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू बोले—इलेक्शन कमीशन पर भी लागू होंगे डिजास्टर एक्ट के प्रावधान
➤ आपदा प्रबंधन अधिनियम हटने के बाद ही होंगे पंचायत व नगर निकाय चुनाव
➤ जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से किया वॉकआउट, दूसरी ओर सत्तापक्ष–विपक्ष में तीखी नोकझोंक


धर्मशाला में चल रहे हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पंचायत चुनावों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दिए। दो दिनों तक चली चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि अब स्टेट इलेक्शन कमीशन पर भी डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के प्रावधान लागू होंगे, और जब तक यह अधिनियम प्रभावी है, तब तक पंचायत व नगर निकाय चुनाव कराना संभव नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस समय पुनर्गठन और वार्डबंदी का काम जारी है, और कई पंचायतों का आकार अत्यधिक बड़ा होने के कारण नई पंचायतें बनाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि जून में भी इसी प्रक्रिया को शुरू किया गया था, मगर 2023 की तुलना में अधिक गंभीर आपदा आने के बाद चुनाव को आगे बढ़ाना पड़ा। उन्होंने कहा कि पंचायतों की अवधि अभी शेष है, और जनवरी तक चुनाव करवाए जा सकते हैं, बशर्ते डिजास्टर एक्ट हट जाए।

मुख्यमंत्री के इस जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इससे पहले भी सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक जारी रही। प्रश्नकाल शुरू करने को लेकर विपक्ष अड़ा था, जबकि सत्तापक्ष पंचायत चुनाव पर चर्चा जारी रखना चाहता था। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही को रोकना भी पड़ा।

चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के बीच भी विवाद बढ़ा। नेगी द्वारा उपयोग किए गए कुछ शब्दों को लेकर विपक्ष ने कड़ा एतराज जताया और विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर उन शब्दों को कार्यवाही से हटाने की मांग की। जयराम ठाकुर ने कहा कि राजस्व मंत्री मुद्दे से भटककर व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं, जबकि मंत्री का तर्क था कि विपक्ष तथ्य छिपा रहा है।

वहीं, सदन की शुरुआत से पहले भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया और सुक्खू सरकार पर विकास निधि रोकने और भुगतान में देरी के आरोप लगाए। उन्होंने ट्रेजरी भुगतान बहाली और ऐच्छिक विकास निधि जारी करने की मांग उठाई।

OPS को लेकर भी जयराम ठाकुर ने अपने पिछले बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी भी योजना को बंद करने की बात नहीं कही और राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम नहीं किया जाएगा।