➤ हिमाचल में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी
➤ अब तक 72 लोगों की मौत, 37 लापता
➤ 541 करोड़ का नुकसान, 261 सड़कें बंद
पराक्रम चंद, शिमला
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून कहर बनकर टूटा है। दो हफ्तों में ही बादल फटना, भारी बारिश, और फ्लैश फ्लड जैसी आपदाओं ने प्रदेश को बुरी तरह तबाह कर दिया है। अब एक बार फिर मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी कर लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 6 जुलाई की दोपहर से लेकर 7 जुलाई तक मंडी, कांगड़ा, और सिरमौर जिलों में बेहद भीषण बारिश हो सकती है। इसके अलावा चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में फ्लैश फ्लड का भी खतरा जताया गया है।
8 जुलाई तक कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इसके बाद भी मौसम में राहत की कोई उम्मीद नहीं है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदियों व ढलानों से दूर रहने की अपील की है।
अब तक मानसून के कारण 72 लोगों की मौत, 113 लोग घायल, और 37 लोग लापता हो चुके हैं। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार प्रदेश में 541 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है, जबकि मुख्यमंत्री ने आंकड़ा 700 करोड़ बताया है। 261 सड़कें पूरी तरह बंद पड़ी हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 176 सड़कें मंडी जिले में ठप हैं।
300 ट्रांसफार्मर बंद होने से बिजली आपूर्ति बाधित है, वहीं 281 पेयजल योजनाओं का संचालन रुक गया है। 251 पशु-पक्षियों की मौत हुई है। 19 मकान पूरी तरह तबाह, 82 मकानों को आंशिक नुकसान, और 208 गौशालाएं बह गईं।
सबसे ज्यादा तबाही मंडी में हुई है, जहां 15 लोगों की जान गई और राहत-बचाव कार्यों के लिए सेना को तैनात करना पड़ा। कुल्लू में 39 सड़कें, सिरमौर में 19, कांगड़ा में 120, और शिमला में 6 सड़कें बंद हैं। संकट की इस घड़ी में राहत-बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन लगातार बारिश से हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ने का खतरा है।



