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हिमाचल के 10 जिलों में आज और कल बारिश का यलो अलर्ट

22 जून तक बारिश, आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी

23 जून से कमजोर होगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस, मौसम होगा साफ


हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राजधानी शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में शनिवार सुबह से ही मौसम खराब बना हुआ है। वहीं, मनाली में बीती रात हुई तेज बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भर गया। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के 10 जिलों में आज और कल बारिश, आंधी और तेज हवाओं का यलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर राज्य के अन्य सभी जिलों में अगले 48 घंटों तक मौसम खराब बना रह सकता है। इस दौरान कई इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में स्थानीय लोगों और प्रदेश घूमने आए पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

आईएमडी के अनुसार चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में 22 जून को भी बारिश का यलो अलर्ट जारी रहेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है।

हालांकि मौसम विभाग ने राहत भरी खबर भी दी है। विभाग के अनुसार 23 जून से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके बाद अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा। 25 जून तक प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में धूप खिलने की संभावना जताई गई है।

पिछले चार दिनों से लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले पांच दिनों तक तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

सबसे अधिक तापमान गिरावट चंबा में दर्ज की गई है। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से 8.7 डिग्री सेल्सियस कम होकर 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं कांगड़ा में तापमान सामान्य से 8.4 डिग्री कम होकर 30.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। केलांग में अधिकतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस और मनाली में 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।