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हिमाचल कैबिनेट में स्पेशल राहत पैकेज को मंजूरी

➤ हिमाचल सरकार ने आपदा राहत के लिए स्पेशल पैकेज को दी मंजूरी
➤ टूटी झोपड़ी पर 7 लाख, गाय बहने पर 53 हजार की राहत राशि तय
➤ कैबिनेट ने नकल पर सख्त कानून व प्लांटेशन योजना को भी दी मंजूरी



हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट मीटिंग में आज वर्ष 2023 की तर्ज पर आपदा राहत के लिए स्पेशल पैकेज को मंजूरी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि केंद्र सरकार के रिलीफ मैन्युअल से अधिक राशि आपदा प्रभावितों को उपलब्ध कराई जाएगी। इस कदम से हिमाचल देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जो केंद्र से आगे जाकर राहत पैकेज देगा।

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि केंद्र के मैन्युअल के अनुसार जिनके घर पूरी तरह से टूटे हैं उन्हें 1.30 लाख रुपए मिलते हैं, लेकिन अब हिमाचल सरकार ऐसे परिवारों को 7 लाख रुपए देगी। इसके अलावा किरायेदारों का सामान बहने पर 50 हजार और मकान मालिकों का सामान बहने पर 70 हजार रुपए की राहत दी जाएगी।

जिनकी गाय बह गई, उन्हें 53 हजार रुपए, गोशाला के लिए 50 हजार रुपए, और भेड़-बकरियों के नुकसान पर प्रति पशु 9000 रुपए की राहत दी जाएगी। खास बात ये है कि रिलीफ मैन्युअल में केवल 3 भेड़ों के नुकसान का मुआवजा देने की बात है, जबकि हिमाचल सरकार सभी बहे हुए पशुओं का मुआवजा देगी।

इसके अलावा जिनके पॉलीहाउस नष्ट हुए हैं उन्हें 25 हजार रुपए प्रति यूनिट, सिल्ट आने पर 50 हजार रुपए, और कई अन्य कृषि व पशुपालन से जुड़े नुकसान की भरपाई भी की जाएगी।

कैबिनेट ने चयन परीक्षाओं में नकल करने और कराने पर 3 साल की सजा के प्रावधान को मंजूरी मिली है।

IGMC शिमला के कैंसर अस्पताल में पेट स्कैन सुविधा जल्द शुरू होगी। सभी उपकरण व बिल्डिंग तैयार हैं। इलाज जल्द आरंभ होगा।

कैबिनेट ने राजीव गांधी वन संवर्धन योजना को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत जो महिला मंडल या युवक मंडल वन भूमि पर वृक्षारोपण करेंगे उन्हें 1.40 लाख रुपए शुरुआती राशि और बाद में सरवाइवल दर के अनुसार इन्सेंटिव मिलेगा। यह योजना पर्यावरण संरक्षण और रोजगार दोनों में अहम साबित होगी।