➤ कुल्लू की सैंज घाटी में बादल फटने से भारी तबाही और चार घर बहे
➤ दो से तीन लोगों के लापता होने की सूचना, जीवा नाला में बहने की आशंका
➤ धर्मशाला में खड्ड से मिला शव, हाइड्रो प्रोजेक्ट को भी नुकसान
हिमाचल प्रदेश में मानसून की तेज दस्तक के साथ तबाही का मंजर नजर आने लगा है। बुधवार को कुल्लू जिले की सैंज घाटी स्थित मझान नाला में अचानक बादल फटने की घटना से क्षेत्र में भारी तबाही मच गई। इस हादसे में चार घर सैलाब की चपेट में बह गए, जबकि दो से तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने पुष्टि की है कि इन लोगों के जीवा नाला में बहने की आशंका है, जहां अब राहत व बचाव कार्य जारी है।
स्थानीय प्रशासन और आपदा टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। NDRF, पुलिस और होमगार्ड के जवान राहत कार्यों में जुटे हैं। अचानक आए सैलाब ने आसपास के गांवों में दहशत फैला दी है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
मौसम विभाग ने राज्य के 10 जिलों – बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना – में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और चंबा जिलों में फ्लैश फ्लड का येलो अलर्ट भी लागू कर दिया गया है।
इसी बीच धर्मशाला से भी एक दुखद खबर सामने आई है। खनियारा क्षेत्र की मनूनी खड्ड में एक शव बहता हुआ मिला है, जिसकी अब तक पहचान नहीं हो पाई है। प्रशासन को आशंका है कि यह भी बादल फटने या तेज बहाव का परिणाम हो सकता है।
इसके अलावा, धर्मशाला के निकट हाइड्रो प्रोजेक्ट नगुणी में भी बड़ा नुकसान हुआ है। प्रोजेक्ट से ऊपर दर्जनों लोग फंसे हुए हैं और उनके निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। तेज बारिश से सड़कों और रास्तों का अस्तित्व समाप्त हो गया है, जिससे हालात और भी गंभीर बन गए हैं।
प्रदेश सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के एसपी, डीसी और आपातकालीन प्रतिक्रिया दलों को सतर्क कर दिया है। लोगों को नदियों-नालों से दूर रहने और गैर जरूरी यात्रा न करने की सलाह दी गई है।
➤ सैंज के जीवानाला में बादल फटने से तबाही, एनएचपीसी के शेड बहे
➤ 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, कई नाले उफान पर
➤ 1 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान
हिमाचल प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और बुधवार को कुल्लू जिले के सैंज क्षेत्र के जीवानाला में बादल फटने की घटना से भारी तबाही हुई है। इस घटना में एनएचपीसी के कई शेड बह गए जबकि बिहाली गांव को खतरा बना हुआ है। इसके अतिरिक्त बंजार के होर्नगाड़, काथीकुकड़ी नाला और मणिकर्ण की ब्रह्म गंगा नाले में बाढ़ आने से आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है।

राज्य के 10 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिनमें ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, सोलन व सिरमौर प्रमुख हैं। वहीं कुल्लू व शिमला के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। पालमपुर, बैजनाथ, नाहन और पांवटा साहिब सहित कई स्थानों पर बीती रात भारी वर्षा दर्ज की गई, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
धर्मपुर में खड्ड के प्रवाह में रुकावट के कारण झील बनी, जिससे मंदिर, सराय और श्मशानघाट जलमग्न हो गए हैं। दूसरी ओर, थुरल (कांगड़ा) में दो घंटे की मूसलाधार बारिश से बाजार तालाब में तब्दील हो गया और दुकानदारों को दुकानें बंद करनी पड़ीं।

लाहौल के उदयपुर उपमंडल में चौखंग-नैनगार सड़क अवरुद्ध हो गई है और निगम की एक बस फंस गई है। चंद्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से झूला पुल टूट गया, जिससे एक सिंचाई योजना भी ठप हो गई है।

मणिकर्ण घाटी के बलाधी गांव की पार्वती नदी पर बनी अस्थायी पुलिया तेज बहाव में बह गई है। यह पुलिया ग्रामीणों ने पिछले वर्ष आपदा के बाद स्वयं बनाई थी। अब गांव का संपर्क कट चुका है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 1 जुलाई 2025 तक हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। वहीं चंबा, मंडी, कांगड़ा, शिमला और सिरमौर जिलों में हल्की से मध्यम बाढ़ का खतरा जताया गया है।
पुलिस मुख्यालय ने सभी एसपी को अलर्ट रहने और आपातकालीन दलों को सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। नदी-नालों, पहाड़ों और संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से लोगों को मना किया गया है। वहीं, कुल्लू, बिलासपुर और ऊना में जल क्रीड़ा गतिविधियां स्थगित कर दी गई हैं।



