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हिमाचल में शहरी निकाय चुनाव टले! जनगणना डेटा बना रोड़ा

 

➤ हिमाचल में शहरी निकाय चुनाव फिलहाल स्थगित किए गए
➤ आरक्षण सूची अब नई जनगणना के आंकड़े आने के बाद बनेगी
➤ सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए


Urban Local Body elections Himachal: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के शहरी निकाय चुनावों को फिलहाल स्थगित करने का बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आरक्षण से जुड़ी सूची या रोस्टर अब तब तक नहीं जारी किया जाएगा जब तक नई जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक नहीं हो जाते। विशेष सचिव (नगर विकास) सौरभ जस्सल द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, मौजूदा समय में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समुदायों के मतदाताओं की सही संख्या उपलब्ध नहीं है, जिससे आरक्षण रोस्टर का निर्धारण करना असंभव हो गया है।

जनगणना में हुई देरी के चलते राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है कि शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के चुनावों से पहले सीटों का आरक्षण रोस्टर तब तक नहीं बनाया जाएगा, जब तक केंद्र सरकार की ओर से नए जनगणना डेटा की आधिकारिक घोषणा नहीं हो जाती।

राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों, नगर निगमों और नगर परिषदों को निर्देशित किया है कि वे इस संदर्भ में कोई भी अधिसूचना जारी न करें। यह निर्णय सरकार की ओर से पारदर्शिता और वैधानिकता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार का मानना है कि जब तक वास्तविक जनसंख्या आंकड़े उपलब्ध नहीं होंगे, तब तक आरक्षण व्यवस्था में न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित नहीं हो सकता।

यह फैसला चुनाव प्रक्रिया में फिलहाल कुछ देरी जरूर लाएगा, लेकिन इससे आने वाले समय में न्यायपूर्ण और सटीक चुनावी प्रक्रिया की आधारशिला मजबूत होगी। शहरी निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की निगाह अब केंद्र सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले जनगणना डेटा पर टिक गई है।