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हिमाचल के सात जिलों में यलो अलर्ट, तेज बारिश से बढ़ा खतरा

सात जिलों में यलो अलर्ट, तेज बारिश की चेतावनी
चंबा और कांगड़ा में सामान्य से 60% से अधिक कम वर्षा दर्ज
820 करोड़ की संपत्ति तबाह, 106 लोगों की जा चुकी है जान


हिमाचल प्रदेश के सात जिलों में आज 17 जुलाई को बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेताया है कि ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में आज तेज वर्षा हो सकती है। इसके अलावा 18 और 19 जुलाई को भी चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में यलो अलर्ट की स्थिति बनी रहेगी। 20 जुलाई को सिरमौर जिले में बारिश का अनुमान है, जबकि अन्य जिलों में मौसम साफ या हल्के बादलों वाला रहेगा। लेकिन 21 व 22 जुलाई को फिर से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

बीते 24 घंटे के भीतर सिरमौर जिले में कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई। नाहन में 22.9 मिमी, धौलाकुआं में 17 मिमी, जबकि धर्मशाला में 17.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं शिमला के रिज मैदान पर धुंध के बीच पर्यटक घूमते नज़र आए।

हालांकि बीते एक सप्ताह के दौरान हिमाचल प्रदेश में सामान्य से 26% कम बारिश हुई है। 9 से 16 जुलाई के बीच जहां 59.7 मिमी सामान्य बारिश होनी चाहिए थी, वहां केवल 44.3 मिमी ही दर्ज हुई। फिर भी कुछ जिलों में औसत से अधिक वर्षा हुई। कुल्लू में सामान्य से 125%, शिमला में 59% और मंडी में 38% अधिक वर्षा हुई है।

इसके उलट चंबा में सबसे कम वर्षा देखी गई है – सामान्य की तुलना में 68% कम, यानी 70.8 मिमी की तुलना में केवल 22.4 मिमी बारिश हुई। इसी तरह कांगड़ा जिले में सामान्य से 61% कम, ऊना में 84%, हमीरपुर में 18%, सिरमौर में 23%, और सोलन में 40% तक कम बारिश हुई है।

इस बार का मानसून सीजन (20 जून से 16 जुलाई) खासा नुकसानदेह रहा है। भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं से अब तक 820 करोड़ रुपए की सरकारी और निजी संपत्ति का नुकसान हो चुका है। इस दौरान 106 लोगों की मौत हुई, जिनमें से 24 लोगों की जान भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने से गई, 34 लोग अब भी लापता हैं और 44 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है।