➤ सिविल अस्पताल नूरपुर के डॉक्टरों पर झूठे आरोप, HMOA कांगड़ा ने की कड़ी निंदा
➤ फेसबुक अकाउंट से लगाए गए रिश्वत और अनुपस्थिति के आरोप, संगठन ने बताया मानहानिकारक
➤ HMOA ने साइबर सेल से की कानूनी कार्रवाई की मांग, सोशल मीडिया पर अफवाह न फैलाने की अपील
सिविल अस्पताल नूरपुर, जिला कांगड़ा के चिकित्सकों पर सोशल मीडिया के माध्यम से लगाए गए झूठे और भ्रामक आरोपों की Himachal Medical Officers Association (HMOA) की कांगड़ा इकाई ने कड़े शब्दों में निंदा की है।
एक फेसबुक अकाउंट द्वारा यह आरोप लगाए गए हैं कि सिविल अस्पताल नूरपुर में चिकित्सा अधिकारी ओपीडी में समय पर उपस्थित नहीं रहते और मरीजों से रिश्वत ली जाती है। HMOA ने इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार, तथ्यहीन और अपमानजनक बताया है।
HMOA कांगड़ा ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया है कि अस्पताल के सभी डॉक्टर समय पर ओपीडी में मौजूद रहते हैं और मरीजों को पूरी निष्ठा व ईमानदारी से चिकित्सा सेवाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाएं न केवल चिकित्सकों की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि स्वास्थ्य संस्थानों की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
एसोसिएशन का कहना है कि यह कृत्य सुनियोजित प्रयास जैसा प्रतीत होता है, जिससे डॉक्टरों की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की मंशा है। उन्होंने प्रशासन और साइबर सेल से मांग की है कि जिस फेसबुक अकाउंट पर यह आरोप लगे हैं, उसपर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई इस तरह की हरकत करने से बचे।
इसके साथ ही HMOA ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक व झूठी जानकारियों पर विश्वास न करें और किसी भी संदेह की स्थिति में सीधे संबंधित चिकित्सा संस्थान से संपर्क करें।



