➤ कांगड़ा विद्युत जोन में पहले बिजली कर्मियों के घर लगेंगे स्मार्ट मीटर
➤ मौजूदा और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी गई प्राथमिकता
➤ पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाने के लिए बोर्ड की पहल
कांगड़ा। प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटरों के विरोध के बीच हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) ने बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने तय किया है कि अब सबसे पहले अपने मौजूदा और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
मंगलवार को जारी निर्देशों के अनुसार यह व्यवस्था फिलहाल कांगड़ा विद्युत जोन में लागू की गई है। बोर्ड का मानना है कि इस कदम से आम उपभोक्ताओं के बीच स्मार्ट मीटरिंग प्रोजेक्ट को लेकर विश्वास और पारदर्शिता का संदेश जाएगा।
सहायक अभियंताओं को विशेष निर्देश
बोर्ड ने सभी सहायक अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र में कार्यरत और सेवानिवृत्त HPSEBL कर्मचारियों की सूची तैयार करें। इन सभी के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने या बदलने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
ऐसे मामलों में जहां बिजली कनेक्शन कर्मचारी के नाम पर नहीं है, लेकिन वह उसी घर में रह रहा है, वहां भी मीटर बदलने की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूरी की जाएगी। कार्य की प्रगति रिपोर्ट हर सप्ताह बोर्ड मुख्यालय को भेजी जाएगी।
निजीकरण से नहीं जुड़ा प्रोजेक्ट
बोर्ड ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों से भी अपील की है कि वे लोगों के बीच जागरूकता फैलाएं कि स्मार्ट मीटरिंग प्रोजेक्ट केवल एक तकनीकी उन्नयन (टेक्नोलॉजिकल अपग्रेडेशन) है। इसका उद्देश्य बिलिंग प्रणाली को पारदर्शी और दक्ष बनाना तथा उपभोक्ता सेवाओं में सुधार करना है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का निजीकरण से कोई संबंध नहीं है। सभी सहायक अभियंता स्वयं इस प्रक्रिया की निगरानी करेंगे ताकि निर्देशों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जा सके।
प्रदेश के कई जिलों में स्मार्ट मीटरों का विरोध हो रहा है। ऐसे में बोर्ड का यह कदम आम उपभोक्ताओं के बीच भरोसा कायम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



