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HPU के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने तीन साल के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां साझा कीं
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राज्यपाल और सरकार से HPU के अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त करने का अनुरोध
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छात्रों से एडमिशन के समय नशा न करने की अंडरटेकिंग लेने की घोषणा
HPU Vice-Chancellor Achievements: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने अपने तीन साल के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों को शिमला में साझा किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता और समय पर जारी करने की नीति को सख्ती से लागू किया गया। इसके अलावा, नई शिक्षा नीति को प्रभावी रूप से लागू किया गया, जिससे छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली के अनुरूप तैयार किया जा सके।
प्रो. बंसल ने कहा कि HPU की NAAC ग्रेड ए स्थिति बनाए रखना उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक था, जिसमें वह सफल रहे। उन्होंने आगे बताया कि बीएड कोर्स को अब चार साल का किया गया है, जिसके लिए विश्वविद्यालय ने क्वालिफिकेशन प्राप्त कर ली है।
HPU को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी बड़े प्रयास किए गए हैं। विश्वविद्यालय 40-50 करोड़ रुपये का राजस्व स्वयं के संसाधनों से अर्जित करने जा रहा है। शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं, जिनमें 1300 से अधिक रिसर्च पेपर और 500 पुस्तकें प्रकाशित की गई हैं, साथ ही 15 पेटेंट्स भी दर्ज किए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय को पहचान दिलाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय गेस्ट हाउस और हॉस्टल के निर्माण कार्यों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। 24 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों को पूरा करने की योजना है, वहीं HPU कैंपस-2 की डीपीआर भी तैयार कर ली गई है।
एलुमनी मीट में HPU के 100 रत्नों को सम्मानित किया गया और जल्द ही एलुमनी भवन का निर्माण कार्य भी शुरू किया जाएगा। शोध को बढ़ावा देने के लिए रिसर्च क्लब बनाने पर विशेष फोकस किया जाएगा।
नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एडमिशन के दौरान छात्रों से नशा न करने की अंडरटेकिंग लेने की नीति अपनाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, डिग्री के साथ स्किल कोर्स को भी अनिवार्य करने की योजना बनाई गई है, ताकि छात्रों को रोजगार के लिए अधिक सक्षम बनाया जा सके।
इस मौके पर कुलपति ने राज्यपाल और सरकार से आग्रह किया कि उन्हें HPU के कुलपति के अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त किया जाए, ताकि वह अपनी अन्य जिम्मेदारियों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकें।



