➤ मंडी इकाई की बैठक में सरकार और प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप
➤ मई माह की पेंशन 15 तारीख तक भी नहीं मिली, वेतन पर खर्च हुए 50 करोड़
➤ तीन वर्षों से समाधान की जगह मिल रहे केवल खोखले आश्वासन
मंडी, विपलव सकलानी
हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) पेंशनर कल्याण संगठन की मंडी इकाई ने रविवार को वरिष्ठ नागरिक भवन मंडी में आयोजित मासिक बैठक में सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ गंभीर नाराजगी जाहिर की। बैठक में लगभग 75 पेंशनर्स ने भाग लिया और स्वर्गीय नागेन्द्र पाल को श्रद्धांजलि दी गई।
बैठक में 10 जून को बिलासपुर में हुई राज्य कार्यकारिणी बैठक के निर्णयों को सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई। तय हुआ कि 18 जून 2025 को राज्य की सभी इकाइयां जिलाधीशों के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगी। इसका उद्देश्य पेंशन संबंधी लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करवाना है।
अध्यक्ष अनूप कपूर ने कहा कि HRTC पेंशनर्स की समस्याओं के समाधान को लेकर न तो सरकार और न ही प्रबंधन गंभीर है। मई माह की पेंशन 15 तारीख तक भी नहीं दी गई, जबकि सेवारत कर्मचारियों को वेतन 5 जून को ही दे दिया गया था। इस बार सरकार ने सिर्फ 50 करोड़ रुपये जारी किए, जिससे केवल वेतन ही दिया जा सका। पेंशनर्स को एक बार फिर अपमान और असुविधा का शिकार बनना पड़ा।
अनूप कपूर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री ने कई बार पेंशन समय पर देने का आश्वासन दिया, पर हर बार वादे खोखले साबित हुए। 7 मई 2025 को मुख्यमंत्री से हुई बैठक में हर माह की 15 तारीख तक पेंशन भुगतान का वादा किया गया, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। 21 मई को हुई बैठक में परिवहन मंत्री ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि ‘जब वित्त विभाग पैसा देगा, तभी भुगतान होगा।’
पेंशनर्स ने कहा कि सरकार बार-बार उन्हें झूठे वादों और खोखले आश्वासनों में उलझा रही है, जबकि वे तीन वर्षों से लगातार ज्ञापन देकर अपनी मांगें उठा रहे हैं। अब उन्होंने राज्यपाल को हस्तक्षेप के लिए मजबूर होकर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है।



