➤ HRTC कर्मचारियों को वेतन न मिलने पर 8 घंटे ड्यूटी का ऐलान
➤ ड्राइवर–कंडक्टर बोले: समय पूरा, बस खड़ी
➤ महीनों से वेतन न मिलने पर बढ़ा गुस्सा, सरकार पर दबाव
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) के कर्मचारियों का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है, क्योंकि महीनों से वेतन न मिलने के कारण ड्राइवरों और कंडक्टरों ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने साफ कहा है कि अब वे सिर्फ 8 घंटे ही ड्यूटी करेंगे और इसके बाद बसें खड़ी कर दी जाएंगी। वेतन संकट से जूझते इन कर्मचारियों का कहना है कि जब सरकार उनके बुनियादी अधिकार – वेतन – को समय पर नहीं दे रही है, तो वे अतिरिक्त सेवा क्यों दें?
ड्राइवर एसोसिएशन के अध्यक्ष मानसिंह ठाकुर ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे तय ड्यूटी घंटे से अधिक काम नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि कई महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे कर्मचारियों के घरों में आर्थिक तंगी गहराती जा रही है। बच्चों की स्कूल फीस, दवाइयां, राशन जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है।
कर्मचारियों ने पहले भी कई बार अधिकारियों से इस संबंध में बात की, ज्ञापन दिए, चेतावनियाँ दीं लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिले। अब उन्होंने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि जब तक वेतन नहीं मिलता, कोई भी कर्मचारी 8 घंटे से अधिक सेवा नहीं देगा। इससे प्रदेश में बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, खासकर दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ HRTC की बसें ही एकमात्र सहारा होती हैं।
इस आंदोलन से सरकार और परिवहन विभाग पर बड़ा दबाव बन गया है। यदि जल्द ही समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन और तेज हो सकता है और यात्री सुविधाओं पर गंभीर असर पड़ सकता है।



