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IGMC में 3 टेस्ला MRI मशीन का लोकार्पण, मरीजों को मिलेगी राहत

IGMC में 3 टेस्ला MRI मशीन का लोकार्पण, मरीजों को मिलेगी राहत
एक साल में सभी मेडिकल कॉलेज में हाई एंड टेक्नोलॉजी लगाने का ऐलान
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को बताया गैर कानूनी, भाजपा पर साधा निशाना


राजधानी शिमला स्थित IGMC अस्पताल में प्रदेश को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में बड़ा कदम मिला है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यहां नई 3 टेस्ला MRI मशीन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आने वाले एक वर्ष के भीतर सभी मेडिकल कॉलेजों में हाई एंड मेडिकल टेक्नोलॉजी स्थापित की जाएगी, ताकि मरीजों को उपचार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।

मुख्यमंत्री ने बताया कि IGMC में अब तक 19 साल पुरानी 1.5 टेस्ला MRI मशीन से ही स्कैन किए जा रहे थे, जिसके कारण मरीजों को लंबी तारीखें मिल रही थीं। नई 3 टेस्ला मशीन के स्थापित होने से न केवल प्रतीक्षा अवधि कम होगी, बल्कि उच्च-रेजोल्यूशन इमेजिंग तकनीक के कारण जांच अधिक सटीक और प्रभावी होगी। इससे प्रदेशभर से उपचार के लिए आने वाले मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा और गंभीर बीमारियों की पहचान पहले से अधिक स्पष्टता के साथ संभव हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य संस्थानों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की जयराम सरकार को 54 हजार करोड़ रुपये RDG और 16 हजार करोड़ रुपये GST कंपनसेशन के रूप में मिलने के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उनके अनुसार, पूर्व सरकार ने बड़े मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए योजनाएं बनाईं, जबकि आम जनता की स्वास्थ्य सुविधाओं की अनदेखी हुई। उन्होंने भाजपा को हिमाचल विरोधी बताते हुए कहा कि प्रदेश हित सर्वोपरि है और वर्तमान सरकार चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच हाल ही में हुए घटनाक्रम पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिना वर्दी और स्थानीय थाने को सूचित किए बिना किसी अन्य राज्य की पुलिस द्वारा कार्रवाई करना न तो उचित प्रक्रिया के अनुरूप है और न ही संवैधानिक भावना के अनुरूप। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित राज्य पुलिस की होती है। बिना समुचित समन्वय के की गई कार्रवाई लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर को भी इस विषय में गंभीरता से सोचने की सलाह दी।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि हिमाचल प्रदेश को संविधान ने स्वायत्तता का अधिकार दिया है और इस अधिकार की रक्षा करना सरकार का दायित्व है।