➤ सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव का शुभारम्भ, पड्डल मैदान में ध्वजारोहण
➤ उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री प्रथम जलेब में शामिल, प्रदर्शनियों व स्मारिका का विमोचन
➤ 200 से अधिक देवी-देवता मंडी पहुंचे, 500 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष लोगो जारी
मंडी में विश्व विख्यात सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव 2026 का भव्य आगाज हो गया। ऐतिहासिक पड्डल मैदान में ध्वजारोहण और नगर देवता श्री राज माधो राय की अगवानी में निकली प्रथम जलेब के साथ महोत्सव का औपचारिक शुभारम्भ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कार्यक्रम में भाग लिया।

उप-मुख्यमंत्री ने मंडी नगर के 500 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में तैयार विशेष लोगो जारी किया। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का उद्घाटन किया और मेला समिति की स्मारिका का विमोचन किया।
महोत्सव की सबसे प्रमुख परंपरा प्रथम जलेब में शामिल होकर उप-मुख्यमंत्री ने श्री राज माधो राय मंदिर में पूजा-अर्चना की।
मंदिर से पड्डल मैदान तक निकली भव्य शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में अपने स्थानीय देवी-देवताओं के साथ नृत्य करते हुए शामिल हुए। इस वर्ष 200 से अधिक देवी-देवता महोत्सव में भाग लेने के लिए मंडी पहुंच चुके हैं, जिससे पूरा नगर देवमय वातावरण में रंग गया।

परंपरा के अनुसार उप-मुख्यमंत्री ने पगड़ी समारोह में भी भाग लिया और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मंडी का पांच सौ वर्ष का इतिहास समृद्ध विरासत का प्रतीक है और यह महोत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि देव संस्कृति, लोक आस्था और सामूहिक पहचान का जीवंत उदाहरण है।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से मंडी शिवरात्रि और कुल्लू दशहरा को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक छवि विश्व स्तर पर मजबूत हुई। आज विदेशी कलाकार भी इस महोत्सव का हिस्सा बन रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान उप-मुख्यमंत्री ने राजस्व घाटा अनुदान और जीएसटी क्षतिपूर्ति बंद किए जाने के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने इसे संघीय ढांचे के विपरीत बताया और प्रधानमंत्री से हिमाचल का अधिकार बहाल करने का आग्रह किया। साथ ही आश्वस्त किया कि किसी का वेतन, पेंशन या ओपीएस बंद नहीं होगी और विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे।
इससे पूर्व उपायुक्त एवं मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पहली बार पैगोडा शैली में देवी-देवताओं के लिए विशेष देव स्थल तैयार किए गए हैं, जिससे देव परंपरा की गरिमा और बेहतर रूप में दिखाई दे सके। उन्होंने महोत्सव के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों की भी जानकारी दी।
मंडी में शुरू हुआ यह देवसमागम आगामी सात दिनों तक आस्था, संस्कृति और लोक परंपराओं का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।



