➤ लाहौल में जाहलमा पुल डैमेज होने से 14 पंचायतों का संपर्क कटा
➤ भूस्खलन और भारी मलबे से पुल असुरक्षित घोषित, सैकड़ों वाहन फंसे
➤ बीआरओ ने वैकल्पिक मार्ग और अतिरिक्त पुल बनाने की कवायद शुरू की
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में बड़ा भू-स्खलन होने से जाहलमा पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल के डैमेज होने के बाद लाहौल की 14 पंचायतों और पूरी पांगी घाटी का जिला मुख्यालय केलांग और मनाली से संपर्क पूरी तरह कट गया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों की आवाजाही ठप हो गई है, जबकि दोनों ओर सैकड़ों वाहन और पर्यटक फंस गए हैं।
जानकारी के अनुसार एसकेटीटी सड़क पर जाहलमा नाले के पास अचानक भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गिर गईं। यह मलबा पुल के एक छोर पर आ गिरा, जिससे पुल को गंभीर नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने हालात को देखते हुए पुल को पूरी तरह असुरक्षित घोषित कर दिया है। हालांकि खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने रात से ही वाहनों की आवाजाही रोक दी थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
इस पुल के बंद होने से जाहलमा, जुंडा, नालडा, मूरिंग, थिरोट, किशोरी, त्रिलोकनाथ, शकोली, उदयपुर, चिमरेट, तिंगरेट, मड्ग्रां, सलग्रां और तिंदी पंचायतों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मनाली और केलांग से जम्मू को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी प्रभावित हो गया है।
घटना के बाद स्थानीय विधायक अनुराधा राणा ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने सीमा सड़क संगठन यानी बीआरओ अधिकारियों को जल्द वैकल्पिक मार्ग तैयार करने और अतिरिक्त पुल बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जलशक्ति विभाग को भी भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुई पेयजल पाइपलाइनों को जल्द दुरुस्त करने के आदेश दिए गए।
बीआरओ की 94 आरसीसी के ओसी मेजर पारस ने बताया कि पुल के असुरक्षित होने के बाद नाले से वैकल्पिक सड़क निकाली जा रही है ताकि जल्द से जल्द हल्के वाहनों की आवाजाही शुरू की जा सके। उन्होंने कहा कि मौजूदा पुल और आसपास का क्षेत्र अभी भी खतरे की जद में है और सुरक्षा को देखते हुए अतिरिक्त पुल के लिए नई साइट की तलाश की जा रही है।
इसी बीच लाहौल क्षेत्र में एक और हादसा सामने आया। मुलिंग पुल के पास पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने के कारण एक कार अनियंत्रित होकर चंद्रा नदी में जा गिरी। हादसे में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान अनीश राणा निवासी चंडीगढ़ के रूप में हुई है, जो जिस्पा क्षेत्र में कैंपिंग व्यवसाय से जुड़े बताए जा रहे हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कुल्लू अस्पताल रेफर किया गया है।
पुलिस अधीक्षक शिवानी मेहला ने बताया कि हादसे को लेकर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रहे भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। लोगों ने संवेदनशील मार्गों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।



