➤ डीए, सब्सिडी, मुफ्त बिजली और पेंशन पर कटौती के संकेत
➤ ओपीएस की समीक्षा और यूपीएस की चर्चा पर सरकार घिरी
➤ वित्तीय कुप्रबंधन से प्रदेश संकट में, भाजपा जनता के बीच उठाएगी मुद्दा
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुंदरनगर में आयोजित भाजपा बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव के दौरान 10 गारंटियों के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन अब उन्हीं वादों से पीछे हटती दिखाई दे रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने 300 यूनिट मुफ्त बिजली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन का विस्तार, लाखों रोजगार और कर्मचारियों को लाभ देने जैसे वादे किए थे। अब वित्त विभाग की प्रस्तुति में संकेत दिए जा रहे हैं कि बिजली सब्सिडी में कटौती, मुफ्त सुविधाओं की समीक्षा और कई योजनाओं को सीमित किया जा सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर पहले जहां करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च हो रहे थे, अब इसे घटाकर लगभग 500 करोड़ रुपये तक सीमित करने की बात सामने आ रही है, जो गरीबों और बुजुर्गों के साथ अन्याय है।
कर्मचारियों के मुद्दे पर घिरी सरकार
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कर्मचारियों को डीए और एरियर देने में असमर्थता जताई जा रही है। नया वेतन आयोग गठित करने को लेकर भी सरकार स्पष्ट नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ओपीएस लागू करने का वादा कर लाभ लिया, लेकिन अब ओपीएस की समीक्षा कर यूपीएस की ओर बढ़ने की चर्चा कर रही है, जो कर्मचारियों के भरोसे के साथ विश्वासघात है।
राजस्व घाटा और विकास कार्य
जयराम ठाकुर ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (RDG) का चरणबद्ध कम होना पहले से तय था, इसके बावजूद बिना वित्तीय आधार के गारंटियां दी गईं। उन्होंने कहा कि अब विकास कार्यों पर रोक और सब्सिडी ढांचे में कटौती के संकेत सरकार की वित्तीय कुप्रबंधन को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार जिम्मेदारी लेने के बजाय केंद्र पर दोष मढ़ रही है, जबकि बढ़ते खर्च और गलत प्राथमिकताओं ने प्रदेश को संकट में डाला है। भाजपा इन मुद्दों को जनता के बीच मजबूती से उठाएगी।



