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आत्मनिर्भर हिमाचल की योजनाएं रोकना सरकार की विफलता: जयराम ठाकुर

आत्मनिर्भर हिमाचल की योजनाओं पर रोक को लेकर जयराम ठाकुर ने सरकार पर हमला बोला

पुष्प क्रांति योजना बंद होने से हजारों किसानों को भारी नुकसान

 स्वावलंबन, सहारा, शगुन जैसी योजनाएं भी राजनीतिक द्वेष का शिकार: जयराम


Himachal Government Schemes: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सत्तासीन सुक्खू सरकार पर करारा हमला करते हुए आरोप लगाया है कि वर्तमान सरकार ने हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने वाली योजनाओं को घोषित या अघोषित रूप से बंद कर, प्रदेश की आर्थिक प्रगति और स्वावलंबन के प्रयासों पर पानी फेर दिया है। शिमला से जारी बयान में उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर आत्मनिर्भर हिमाचल का नारा देती है, दूसरी ओर उन योजनाओं का बजट रोक रही है जो वास्तव में लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक थीं

हिमाचल पुष्प क्रांति योजना, जिसकी शुरुआत जुलाई 2018 में भाजपा सरकार द्वारा की गई थी, उस पर भी बजट न मिलने से हजारों फूल उत्पादकों को भारी असुविधा हो रही है। जयराम ठाकुर ने बताया कि इस योजना के तहत पॉलीहाउस व पॉलीटनल, पंखे, पैड आदि पर 85% सब्सिडी का प्रावधान था। इसके अलावा, फूलों के परिवहन पर रियायत दी गई थी ताकि फूल समय पर और उचित दामों पर बाजार पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि चार वर्षों में 1700 से अधिक किसानों को इसका लाभ मिला और उनकी वार्षिक आय में 8 से 12 लाख रुपये तक की वृद्धि दर्ज की गई थी। इसके चलते युवाओं का पलायन रुका, स्थानीय रोजगार और पर्यटन के अवसर भी सृजित हुए।

उन्होंने कहा कि यह योजना केवल कृषि क्षेत्र में बदलाव नहीं लाई बल्कि हिमाचल की आर्थिकी को भी मजबूती दी, परंतु आज यह योजना घोषित या अघोषित रूप से बंद कर दी गई है। इससे मुख्यमंत्री के आत्मनिर्भर हिमाचल के नारे की असलियत उजागर हो रही है

स्वावलंबन योजना, जिसके माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार हेतु प्रोत्साहन दिया जाता था, प्राकृतिक खेती योजना और हिम केयर, सहारा, शगुन जैसी योजनाएं, जो आम जन के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही थीं, अब ठप कर दी गई हैं। जयराम ठाकुर का कहना है कि यह सब राजनीतिक द्वेष के चलते हो रहा है, जिससे आम जनता भारी कीमत चुका रही है

उन्होंने कहा कि सरकार न तो स्वयं कुछ कर रही है और जो लोग कुछ करना चाहते हैं, उन्हें भी नहीं करने दे रही है। यह न सिर्फ कृषि, रोजगार और स्वास्थ्य क्षेत्रों में नुकसानदेह है, बल्कि इससे सरकार की जनविरोधी मानसिकता भी उजागर होती है