➤ चंडीगढ़ में मेडिकल स्टोर के कैशियर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या
➤ गोल्डी बराड़ गैंग ने सोशल मीडिया पर ली हत्या की जिम्मेदारी
➤ रोहड़ू की नवनिर्वाचित प्रधान ईना देवी के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
चंडीगढ़ के सेक्टर-11 डी स्थित श्री कुमार मेडिकल हॉल-1 में शनिवार दोपहर हुई सनसनीखेज हत्या ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। दिनदहाड़े दो नकाबपोश हमलावर मेडिकल स्टोर में घुसे और कैशियर जानकी दास पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। हमले में जानकी दास की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के कुछ घंटों बाद गोल्डी बराड़ गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट जारी कर हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए इस मामले को गैंगवार से जोड़ दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, घटना शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे की है। उस समय जानकी दास अपने सहयोगी के साथ मेडिकल स्टोर में दवाइयों की बिलिंग कर रहे थे। तभी दो युवक मास्क पहनकर दुकान के भीतर दाखिल हुए। एक हमलावर ने ऑटोमैटिक हथियार निकाला और सीधे जानकी दास को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने करीब 13 गोलियां दागीं। गोलियां लगने से जानकी दास गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों हमलावर तेजी से दुकान से बाहर निकले, जहां उनका तीसरा साथी बाइक पर इंतजार कर रहा था। इसके बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी हुई है।
यह दुखद घटना हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू उपमंडल की दलगांव पंचायत की नवनिर्वाचित प्रधान ईना देवी के परिवार के लिए भी बड़ा झटका बनकर आई है। जानकी दास उनकी पति थे। हाल ही में पंचायत चुनाव जीतने के बाद ईना देवी सोमवार को शिमला में आयोजित होने वाले प्रधानों के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों में जुटी थीं। लेकिन परिवार पर अचानक आए इस दुख ने खुशियों के माहौल को मातम में बदल दिया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि जानकी दास चंडीगढ़ के धनास क्षेत्र में रहते थे। पुलिस अब उनके निजी जीवन, सामाजिक संबंधों और अन्य संभावित विवादों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, कारोबारी विवाद या गैंगवार समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
मामले को और गंभीर बनाते हुए गोल्डी बराड़ गैंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर हत्या की जिम्मेदारी ली है। पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गैंग और उसके समर्थकों को खुली चेतावनी दी गई है। गैंग ने अपने संदेश में कई अन्य गैंगस्टरों और समूहों का भी जिक्र किया है। इससे पुलिस को आशंका है कि हत्या का संबंध किसी बड़े गैंगवार या आपराधिक नेटवर्क से हो सकता है।
हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां सोशल मीडिया पोस्ट, तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों की मदद से पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के वास्तविक कारणों और आरोपियों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस घटना ने चंडीगढ़ समेत हिमाचल प्रदेश में भी चिंता बढ़ा दी है। दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था और गैंगस्टर गतिविधियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें पुलिस जांच और आने वाले खुलासों पर टिकी हुई हैं।



