➤ गगल एयरपोर्ट का नाम अब कांगड़ा–धर्मशाला प्रस्तावित
➤ अहमदाबाद और मुंबई से कनेक्टिंग फ्लाइट्स पर सहमति
➤ विजिबिलिटी घटाकर 2500 मीटर करने की योजना पर काम शुरू
कांगड़ा एयरपोर्ट सलाहकार समिति की बैठक मंगलवार को सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में पिछली बैठक के 80 फीसदी मामलों के समाधान की जानकारी दी गई और साथ ही गगल एयरपोर्ट का नाम बदलकर कांगड़ा-धर्मशाला एयरपोर्ट करने का प्रस्ताव पारित किया गया। भारद्वाज ने बताया कि यह नामकरण इसलिए प्रस्तावित किया गया है क्योंकि कांगड़ा एक ऐतिहासिक शहर है और धर्मशाला अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध है।
नामकरण प्रस्ताव को अब प्रदेश मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इसके लिए विधायक केवल सिंह पठानिया को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही जिला प्रशासन को सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अहमदाबाद और मुंबई से गगल एयरपोर्ट के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट्स की व्यवस्था की जाएगी। क्योंकि गुजरात और महाराष्ट्र से हिमाचल आने वाले सैलानियों की संख्या बहुत अधिक है, इस निर्णय से पर्यटन को बड़ा लाभ मिलेगा। इसके लिए प्रदेश सरकार से एनओसी और केंद्र सरकार से सहयोग लिया जाएगा।
एयरपोर्ट की विजिबिलिटी सुधारने के लिए भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। अब तक गगल एयरपोर्ट पर 5000 मीटर विजिबिलिटी की सीमा थी, लेकिन अब ऐसे तकनीकी उपकरण लगाए जाएंगे जिससे विजिबिलिटी 2500 मीटर तक लाई जा सके। इस दिशा में मामला केंद्र सरकार के समक्ष भी गंभीरता से उठाया जाएगा।
बैठक में शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया, डीसी कांगड़ा, और अन्य समिति सदस्य भी मौजूद रहे। यह निर्णय गगल एयरपोर्ट के विकास, हवाई कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



