▪︎ कांगड़ा जिले में ड्रोन उड़ाने से पहले पंजीकरण अनिवार्य
▪︎ 7 दिन के भीतर संबंधित थाना में देना होगा पूरा विवरण
▪︎ उल्लंघन पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
शिवांशु शुक्ला, धर्मशाला
कांगड़ा जिले में अब ड्रोन या मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) के संचालन के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। यह आदेश जिला दंडाधिकारी हेमराज बैरवा द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 33 और 34 के अंतर्गत जारी किए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार, सार्वजनिक सुरक्षा और जनहित को ध्यान में रखते हुए, अब कोई भी व्यक्ति, संस्था, संस्थान या सरकारी एजेंसी ड्रोन का संचालन तभी कर सकेगी जब वह पहले पंजीकरण कराएगी।
आगामी सात दिनों के भीतर सभी सक्रिय ड्रोन को संबंधित पुलिस थाना में पंजीकृत करवाना अनिवार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त, भविष्य में जो भी नए ड्रोन खरीदे जाएंगे, उन्हें भी खरीद की तिथि से सात दिन के भीतर पंजीकरण करवाना आवश्यक होगा।
पंजीकरण के दौरान देने होंगे ये विवरण:
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ड्रोन का मॉडल व सीरियल नंबर (यदि उपलब्ध हो)
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उड़ान क्षमता व उद्देश्य (जैसे कृषि, फोटोग्राफी, निगरानी, आपातकालीन सेवाएं आदि)
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ऑपरेटर का नाम, पता व संपर्क विवरण
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यदि लागू हो तो रिमोट पायलट लाइसेंस की प्रति भी देनी होगी
जिला प्रशासन ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पंजीकरण के लिए रजिस्टर तैयार करें और इसकी रिपोर्ट समय-समय पर पुलिस अधीक्षक, कांगड़ा को भेजते रहें।
उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश ड्रोन के दुरुपयोग को रोकने, सुरक्षा जोखिमों से निपटने और आपराधिक गतिविधियों की आशंका को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।



