➤ कांगड़ा में मैनुअल वाहन फिटनेस टेस्टिंग पर केंद्र ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
➤ गडकरी ने कहा- रिपोर्ट मिलने के बाद राहत पर होगा फैसला
➤ एटीएस शुरू होने तक अस्थायी छूट की मांग पर विचार संभव
शिमला। कांगड़ा जिले में वाहन फिटनेस की मैनुअल जांच जारी रखने की मांग पर केंद्र सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री को पत्र भेजकर बताया है कि इस मामले में राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मैनुअल वाहन फिटनेस टेस्टिंग को लेकर किसी प्रकार की राहत या छूट देने पर निर्णय लिया जाएगा।
18 जून 2026 को जारी पत्र में गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार इस विषय पर राज्य सरकार से पूरी जानकारी प्राप्त कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि कांगड़ा जिले में मैनुअल फिटनेस टेस्टिंग को अस्थायी रूप से जारी रखने की अनुमति दी जा सकती है या नहीं।
केंद्रीय मंत्री ने पत्र में उल्लेख किया है कि केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधित प्रावधानों के अनुसार 1 अप्रैल 2025 से परिवहन वाहनों की फिटनेस जांच अधिकृत ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) में कराना अनिवार्य किया गया है। इसी नीति के तहत पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से मैनुअल फिटनेस टेस्टिंग व्यवस्था को समाप्त किया जा रहा है, ताकि वाहन फिटनेस जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बन सके।
हालांकि हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया था कि कांगड़ा जिले में सभी ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन पूरी तरह से चालू होने तक मैनुअल फिटनेस टेस्टिंग की सुविधा जारी रखी जाए। राज्य सरकार का तर्क था कि वर्तमान व्यवस्था में वाहन मालिकों और परिवहन कारोबारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गडकरी ने बताया कि मंत्रालय ने इस संबंध में 11 जून 2026 को अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) को पत्र लिखकर विस्तृत जानकारी मांगी थी। केंद्र सरकार जानना चाहती है कि कांगड़ा जिले में मैनुअल फिटनेस टेस्टिंग बंद होने से आम जनता और परिवहन विभाग को किस प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा केंद्र ने राज्य सरकार से यह भी पूछा है कि जिले के किन आरटीओ और एआरटीओ कार्यालयों में मैनुअल फिटनेस सुविधा की आवश्यकता बनी हुई है। साथ ही उन स्थानों पर ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन स्थापित करने की क्या कार्ययोजना है और इसे किस समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। मंत्रालय ने संकेत दिया है कि इन सभी तथ्यों और रिपोर्ट के अध्ययन के बाद आवश्यक राहत या विशेष छूट देने पर विचार किया जा सकता है।
गौरतलब है कि कांगड़ा जिले में मैनुअल फिटनेस टेस्टिंग बंद होने के बाद परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों, बस ऑपरेटरों, ट्रक मालिकों और अन्य वाहन चालकों को वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त करने में दिक्कतें आ रही हैं। इसी कारण राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से अंतरिम राहत देने और नई व्यवस्था पूरी तरह लागू होने तक पुरानी प्रणाली जारी रखने का आग्रह किया था। अब सभी की नजरें राज्य सरकार की रिपोर्ट और उसके बाद केंद्र सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं।



