➤ कसौली के मनोन जंगल में भीषण आग से मचा हड़कंप
➤ सेना और वायुसेना ने मोर्चा संभालकर शुरू किया राहत अभियान
➤ हेलीकॉप्टर से चार बार एयर डंपिंग कर आग बुझाने की कोशिश
हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कसौली के मनोन गांव क्षेत्र में मंगलवार दोपहर बाद जंगल में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते जंगल का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। शाम तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका, जिसके बाद सेना और वायुसेना को राहत अभियान के लिए मैदान में उतरना पड़ा।
जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले निचले जंगल क्षेत्र में भड़की और तेज हवाओं व सूखी घास के कारण तेजी से फैलते हुए अपर मॉल इलाके तक पहुंच गई। आग की लपटों और घने धुएं ने पूरे क्षेत्र को अपनी गिरफ्त में ले लिया, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों में दहशत का माहौल बन गया। शाम होते-होते आग और अधिक भड़क गई तथा हालात लगातार चुनौतीपूर्ण होते चले गए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना, वायुसेना और कैंटोनमेंट बोर्ड की फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब 200 से अधिक सेना के जवानों ने जंगल में मोर्चा संभालते हुए आग बुझाने का अभियान शुरू किया। वायुसेना की टीम भी लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी रही।
आग पर नियंत्रण पाने के लिए वायुसेना का हेलीकॉप्टर भी तैनात किया गया। हेलीकॉप्टर ने चंडी मंदिर क्षेत्र से पानी भरकर चार बार एयर डंपिंग की और आग पर पानी गिराया। इस प्रयास से आग कुछ हद तक नियंत्रित जरूर हुई, लेकिन देर रात तक पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। सेना और राहत दलों ने पूरी रात निगरानी जारी रखने का फैसला लिया ताकि आग दोबारा भड़क न सके।
सेना के अधिकारियों ने बताया कि तेज हवाओं और सूखी वनस्पति के कारण आग तेजी से फैल रही थी, जिससे राहत कार्य में काफी मुश्किलें आईं। हालांकि राहत दल लगातार प्रभावित क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मनोन गांव क्षेत्र में गर्मियों के मौसम में हर साल जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं। लोगों ने राहत जताई कि सेना और वायुसेना की टीमें समय पर पहुंच गईं, अन्यथा आग आबादी वाले क्षेत्रों तक भी पहुंच सकती थी और बड़ा नुकसान हो सकता था।
कसौली पर्यटन के लिहाज से हिमाचल का बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में जंगलों में लगी इस भीषण आग ने पर्यावरण और पर्यटन दोनों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन अब आग लगने के कारणों की भी जांच करेगा।



