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कसौली कोर्ट में आज हुई सुनवाई, 6 सितंबर को अगली पेशी

➤ पीड़िता करेगी क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ आपत्ति दायर
➤ कसौली कोर्ट ने पुलिस से मांगी FIR व जांच रिपोर्ट
➤ अगली सुनवाई 6 सितंबर को, मामला फिर से खुला



हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और गायक रॉकी मित्तल के खिलाफ कथित गैंगरेप केस में एक बार फिर कानूनी मोड़ आ गया है। इस केस में आज हिमाचल प्रदेश के कसौली कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में पेश हुई पीड़िता ने अदालत को बताया कि वह पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ आपत्ति दर्ज करवाना चाहती है।

अब यह मामला 6 सितंबर 2025 को दोबारा सुना जाएगा, जहां पीड़िता आधिकारिक रूप से ऑब्जेक्शन फाइल करेगी। असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी विकास शर्मा ने जानकारी दी कि अदालत ने कसौली पुलिस को अगली सुनवाई में एफआईआर और पूरी जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा है।

इससे पहले सोलन सेशन कोर्ट ने पीड़िता की रिवीजन पिटीशन को मंजूर करते हुए उसे कसौली कोर्ट में बयान देने के आदेश दिए थे। इसी के तहत आज वह अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में पेश हुई और क्लोजर रिपोर्ट को गलत ठहराया।

गौरतलब है कि इस केस में कसौली पुलिस ने साक्ष्य के अभाव में बड़ौली और रॉकी मित्तल को क्लीन चिट दे दी थी और कोर्ट में केस बंद करने की अर्जी दी थी। 12 मार्च 2025 को कसौली कोर्ट ने इस अर्जी को स्वीकार कर लिया था।

इससे पहले कोर्ट ने दो बार समन भेजे थे लेकिन पीड़िता को समन प्राप्त नहीं हुए, जिसके बाद कोर्ट ने केस को बंद कर दिया था।

पूरा मामला 13 दिसंबर 2024 को दर्ज एफआईआर से शुरू होता है। पीड़िता के मुताबिक, 23 जुलाई 2024 को वह अपनी सहेली और बॉस अमित बिंदल के साथ कसौली घूमने आई थी। इस दौरान हिमाचल टूरिज्म होटल “रोज कॉमन” में बड़ौली और रॉकी ने उसे शराब पिलाकर गैंगरेप किया। घटना के बाद उसे पंचकूला बुलाकर धमकाने और झूठे केस में फंसाने की भी कोशिश की गई।

पुलिस ने केस की लगभग दो महीने जांच की लेकिन सीसीटीवी, मेडिकल, गवाहों और घटनास्थल से ठोस सबूत नहीं मिल पाए। महिला ने मेडिकल करवाने से इनकार कर दिया था और एफआईआर में भी महीनों की देरी थी।

अब कोर्ट की निगरानी में मामला फिर से खुलेगा और पुलिस की जांच रिपोर्ट और क्लोजर रिपोर्ट की वैधता पर सवाल उठेगा। यह मामला राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बन गया है।