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कुल्लू में नदियों के हाई फ्लड लेवल क्षेत्र में प्रवेश पर रोक

➤ कुल्लू में नदियों व नालों के हाई फ्लड लेवल क्षेत्र में प्रवेश पर रोक
➤ नववर्ष और पीक टूरिस्ट सीजन को देखते हुए जिला दण्डाधिकारी के आदेश
➤ आदेश उल्लंघन पर जुर्माना और कारावास का प्रावधान


 शीतकालीन पर्यटन सीजन के दौरान पर्यटकों और आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला दण्डाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) कुल्लू, तोरुल एस. रवीश ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। यह आदेश हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 111 के अंतर्गत लागू किए गए हैं।

जारी आदेशों के अनुसार, जिला कुल्लू में नदियों, खड्डों, नालों और अन्य जल स्रोतों के हाई फ्लड लेवल क्षेत्रों में आम जनता, पर्यटकों और आगंतुकों के प्रवेश व आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यह निर्णय विशेष रूप से नववर्ष समारोह और पीक टूरिस्ट सीजन के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए लिया गया है।

प्रशासन ने बताया कि शीतकाल में कई पर्यटक फोटोग्राफी, सेल्फी और मनोरंजन गतिविधियों के लिए नदी तटों और नदी तल में उतर रहे हैं। बजौरा से सोलंग नाला, भुंतर से मणिकर्ण और बंजार उपमंडल में तीर्थन खड्ड के आसपास ऐसे मामले लगातार सामने आए हैं, जबकि जिला प्रशासन समय-समय पर चेतावनियां जारी करता रहा है।

प्रशासन के अनुसार सर्दियों में ऊपरी क्षेत्रों से अचानक पानी छोड़े जाने, जलविद्युत परियोजनाओं से डिस्चार्ज, बर्फ जमने, फिसलन, कम तापमान और धीमी प्रतिक्रिया क्षमता के कारण दुर्घटनाओं और डूबने का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है। पूर्व में इन क्षेत्रों में प्रवेश के कारण जानमाल की क्षति की घटनाएं भी हो चुकी हैं।

इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए जन सुरक्षा, कानून व्यवस्था और मानव जीवन की रक्षा के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया गया है। आदेश के तहत केवल प्राधिकृत साहसिक गतिविधियों या आजीविका से जुड़े कार्यों के लिए ही सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से प्रवेश मान्य होगा।

आदेशों की अवहेलना करने पर हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 115 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अधिकतम 8 दिन का कारावास या 1,000 से 5,000 रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। यह आदेश शीतकालीन पर्यटन सीजन के दौरान आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेगा।