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सेना के वाहन पर गिरा पत्थर, दो अधिकारी शहीद , तीन घायल

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लद्दाख के गलवान में सेना के वाहन पर गिरा बोल्डर, दो अधिकारी शहीद
ले. कर्नल भानु प्रताप सिंह मांकोटिया और लांस दफादार दलजीत सिंह की दर्दनाक शहादत
तीन अन्य अधिकारी घायल, एयरलिफ्ट कर लेह भेजा गया


लद्दाख की गलवान घाटी में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में भारतीय सेना ने अपने दो बहादुर सपूतों को खो दिया। लेफ्टिनेंट कर्नल भानु प्रताप सिंह मांकोटिया (14 सिंध हॉर्स रेजिमेंट) और लांस दफादार दलजीत सिंह की उस समय मौके पर ही शहादत हो गई, जब सेना के वाहन पर एक विशाल बोल्डर आ गिरा। यह दुर्घटना सुबह 11:30 बजे के करीब उस वक्त हुई जब सेना का काफिला दुरबुक से चोंगटास की ओर एक ट्रेनिंग यात्रा पर था।

सेना की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह हादसा चारबाग क्षेत्र में हुआ, जब काफिला दुर्गम इलाके से गुजर रहा था और पहाड़ी से अचानक एक भारी चट्टान वाहन पर आ गिरी। हादसे में तीन अन्य अधिकारी – मेजर मयंक शुभम (14 सिंध हॉर्स), मेजर अमित दीक्षित, और कैप्टन गौरव (60 ऑर्डिनेंस) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें तत्काल 153 GH, लेह में एयरलिफ्ट कर इलाज के लिए भेजा गया है।

सेना की फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे के तुरंत बाद राहत एवं बचाव कार्य आरंभ कर दिया गया था। जवानों को मलबे से निकालने और चिकित्सा सुविधा पहुंचाने में कोई देरी नहीं की गई। सेना के कमांडिंग अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी की और सभी जरूरी सहायता सुनिश्चित की।

यह हादसा ना केवल एक प्राकृतिक आपदा की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सीमाओं की रक्षा में तैनात हमारे सैनिक हर रोज जीवन और मृत्यु के बीच संतुलन बनाते हुए अपनी ड्यूटी निभाते हैंले. कर्नल मांकोटिया और लांस दफादार दलजीत सिंह की वीरगति पूरे देश को गर्व और ग़म दोनों की अनुभूति देती है। भारत उनकी शहादत को शत-शत नमन करता है।