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मंडी-पठानकोट हाईवे पर थार पलटी, आठ ट्रेनी डॉक्टर घायल,. 3 पालमपुर रेफर; 5 को इलाज के बाद छुट्टी

जोगिंद्रनगर के पास देर रात खेतों में पलटी थार, आठ प्रशिक्षु डॉक्टर घायल
तीन घायलों को पालमपुर रेफर, पांच को प्राथमिक उपचार के बाद मिली छुट्टी
पुलिस ने हादसे की जांच शुरू की, सड़क किनारे खड़ी स्कूटी भी वाहन की चपेट में आई


हिमाचल प्रदेश के मंडी-पठानकोट हाईवे पर जोगिंद्रनगर के पास देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। करीब रात 3 बजे एक थार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खेतों में जा पलटी। हादसे के समय वाहन में आयुर्वेदिक अस्पताल पपरोला के प्रशिक्षु चिकित्सक सवार थे। दुर्घटना में आठ ट्रेनी डॉक्टर घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, सभी प्रशिक्षु डॉक्टर जोगिंद्रनगर आए हुए थे और थार में सवार होकर वापस पपरोला की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान हाईवे पर जोगिंद्रनगर के पास अचानक वाहन चालक का नियंत्रण बिगड़ गया। थार सड़क से नीचे खेतों में जा गिरी और पलटते हुए कुछ दूरी पर जाकर रुकी।

हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोगों को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला। वाहन के खेत में पलटने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया तथा घायलों को वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा, घायलों को पहुंचाया अस्पताल

दुर्घटना की सूचना मिलते ही जोगिंद्रनगर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायल प्रशिक्षु चिकित्सकों को उपचार के लिए जोगिंद्रनगर अस्पताल पहुंचाया गया।

अस्पताल में चिकित्सकों ने घायलों की स्थिति का आकलन करते हुए प्राथमिक उपचार शुरू किया। प्रारंभिक उपचार के बाद पांच घायलों की हालत संतोषजनक पाए जाने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वहीं, तीन प्रशिक्षु डॉक्टरों को बेहतर और आगे के उपचार के लिए पालमपुर रेफर किया गया।

तीनों घायल फिलहाल पालमपुर के अस्पताल में उपचाराधीन बताए जा रहे हैं। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने हाईवे पर देर रात सफर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

पलटी थार की चपेट में आई सड़क किनारे खड़ी स्कूटी

हादसे के दौरान एक और वाहन इसकी चपेट में आ गया। जानकारी के मुताबिक, जब थार सड़क से नीचे खेतों में पलटी तो रास्ते में पार्क की गई एक स्कूटी भी इसकी चपेट में आ गई।

गनीमत रही कि स्कूटी के आसपास उस समय कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, अन्यथा हादसा और गंभीर हो सकता था। दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को लेकर भी पुलिस ने आवश्यक जानकारी जुटाई है।

 

मंडी से जयपुर तक के रहने वाले हैं घायल प्रशिक्षु डॉक्टर

हादसे में घायल प्रशिक्षु चिकित्सक अलग-अलग क्षेत्रों से संबंध रखते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार घायलों में मंडी, कांगड़ा, शिमला, ऊना और जयपुर के युवक-युवतियां शामिल हैं।

घायलों की पहचान रोहित (25) निवासी पजारठी, पांगणा, अंकिता धीमान (25) निवासी लंबागांव, जयसिंहपुर, निकिता (23) निवासी बडूआ, शिमला, सुनीता सेपट (25) निवासी कर्णसर, जयपुर, अकन्या (23) निवासी अंब, ऊना, धर्मेंद्र कुमार (24) निवासी कांडा, करसोग और शुभम (23) निवासी पंजयाला, बैजनाथ के रूप में बताई गई है।

उपलब्ध विवरण में आठ घायलों का उल्लेख है, जबकि पहचान संबंधी जानकारी में सात नाम सामने आए हैं। इसलिए आठवें घायल की पहचान अथवा स्थिति की आधिकारिक पुष्टि पुलिस या अस्पताल की ओर से होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

थार अनियंत्रित क्यों हुई? पुलिस जुटा रही हादसे की कड़ियां

हादसे की सूचना मिलते ही जोगिंद्रनगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर हाईवे पर चलते समय थार अचानक अनियंत्रित कैसे हुई।

हादसे के कारणों को लेकर कई पहलुओं की जांच की जा रही है। वाहन की स्थिति, सड़क की परिस्थितियों और दुर्घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को भी जांच के दायरे में लिया जा रहा है।

पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आएगी। फिलहाल पुलिस ने मामले में आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

रात के समय हाईवे पर हुई इस दुर्घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार, वाहन नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। राहत की बात यह है कि हादसे में घायल सभी प्रशिक्षु डॉक्टरों को समय रहते उपचार मिल गया और पांच को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई।

पांच को छुट्टी, तीन का पालमपुर में इलाज जारी

फिलहाल इस हादसे में घायल पांच प्रशिक्षु डॉक्टरों को उपचार के बाद छुट्टी मिल चुकी है, जबकि तीन का पालमपुर में इलाज जारी है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।