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शाही अंदाज में निकाली बाबा भूतनाथ की दूसरी और अंतिम जलेब, देवधुनों से गूंजी छोटी काशी

➤ बाबा भूतनाथ की दूसरी शाही जलेब भव्यता के साथ निकली
➤ देवधुन और देवलु नाटी से गूंजी छोटी काशी मंडी
➤ 85 देवताओं के बजंत्रियों और 9 देवलु दलों ने लिया भाग


छोटी काशी मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव 2026 के दौरान अधिष्ठाता बाबा भूतनाथ की दूसरी शाही जलेब शुक्रवार को पूरे वैभव और पारंपरिक गरिमा के साथ निकाली गई। खलियार में ब्यास नदी के तट से ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच इस भव्य जलेब का शुभारंभ हुआ। स्थानीय देवी-देवताओं की अगुवाई में हजारों श्रद्धालु इस धार्मिक शोभायात्रा में शामिल हुए और पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

ब्यास नदी के तट से शुरू हुई यह शाही जलेब विक्टोरिया पुल, समखेतर, मोती बाजार, चौहटा बाजार, गांधी चौक, सेरी मंच और इंदिरा मार्किट परिसर से होती हुई पुनः ब्यास नदी तट पर आकर संपन्न हुई। मार्ग में श्रद्धालुओं ने देव पालकियों के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। हाल ही में शुरू की गई इस शाही जलेब की परंपरा ने कम समय में ही शिवरात्रि महोत्सव की शान को और बढ़ा दिया है।

इस अवसर पर आयोजित देवधुन और देवलु नाटी प्रतियोगिताओं के अंतिम चरण ने महोत्सव को सांस्कृतिक ऊंचाई प्रदान की। ढोल, नगाड़ा, करनाल और रणसिंघा की गूंज से पूरी मंडी नगरी देवमय हो उठी। 85 देवताओं के बजंत्रियों ने वाद्ययंत्र श्रेणी में भाग लिया, जबकि 9 देवताओं के देवलु नाटी दलों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।

देवधुन श्रेणी में देव छमांहू खणी बालीचौकी ने प्रथम स्थान, देव अजयपाल कासला द्रंग ने द्वितीय और देव कांढलू बालाकामेश्वर बग्गी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। देवलु नाटी प्रतियोगिता में देव सुहड़े का गैहरी उतरशाल प्रथम, देव छांजणू बालीचौकी द्वितीय और देव श्री तुंगासी निहरी सराज तृतीय रहे। निर्णायक मंडल में मुरारी शर्मा, कृष्णा देवी और उमेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अतिरिक्त उपायुक्त मंडी गुरसिमर सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि विजेता दलों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिवरात्रि महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हिमाचल की समृद्ध देव संस्कृति और लोक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।

इस दौरान जिला भाषा अधिकारी रेवती सैणी, सर्व देवता कमेटी के अध्यक्ष शिव पाल शर्मा, महासचिव दिनेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में देव समाज के गणमान्य व्यक्ति और श्रद्धालु उपस्थित रहे। छोटी काशी मंडी एक बार फिर देवधुनों और आस्था की अनूठी मिसाल बनकर उभरी।