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हिमाचल में गर्मी का कहर: स्कूल अब सुबह 7:30 से दोपहर 1 तक!

● 45°C तक पहुँचे तापमान के बीच स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव
● सुबह 7:30 से दोपहर 1:00 बजे तक होंगे स्कूल संचालित
● प्रभावित जिलों में डीएम और एसडीएम की निगरानी में होगा क्रियान्वयन

पराक्रम चंद, शिमला


हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में चल रही असहनीय गर्मी और तापमान में अभूतपूर्व वृद्धि ने सरकार को स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने के लिए मजबूर कर दिया है। राज्य के प्राथमिक और उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों के तहत अब प्रभावित जिलों में स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक संचालित किए जा सकेंगे।

यह निर्णय मुख्य रूप से कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन के बीबीएन क्षेत्र तथा सिरमौर जिले के पांवटा साहिब और नाहन को ध्यान में रखकर लिया गया है, जहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है। इन जिलों से लगातार स्कूल प्रबंधन समितियों (SMC), अभिभावक-शिक्षक संघों (PTA) और आम अभिभावकों की ओर से शिकायतें और आग्रह मिल रहे थे, कि भीषण गर्मी में बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर हो रहा है।

निदेशालय ने यह स्पष्ट किया है कि यह निर्देश विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के लिए लागू है, और स्कूल प्रबंधन को स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन इकाइयों और ज़िला मजिस्ट्रेट/एसडीएम के निर्देशों के तहत इसे क्रियान्वित करना होगा। यदि किसी जिले में आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत पहले से ही आदेश जारी किए गए हैं, तो इस नए निर्देश को उसी के तहत समायोजित किया जाएगा।

इस बदलाव का उद्देश्य न केवल बच्चों को लू और गर्मी से बचाना है, बल्कि शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारु बनाए रखते हुए, स्वास्थ्य और सुरक्षा का भी संतुलन साधना है। शिक्षण संस्थानों से अपेक्षा की गई है कि वे आवश्यकतानुसार प्रार्थना सभा का समय कम करें, खेलकूद जैसी बाहरी गतिविधियों को सीमित रखें और विद्यार्थियों को पर्याप्त “वाटर ब्रेक” प्रदान करें।

यह निर्णय एक प्रगतिशील, सशक्त और संवेदनशील शासन तंत्र की मिसाल है, जो समय पर उचित निर्णय लेकर न केवल शिक्षा बल्कि जनस्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दे रहा है।