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हिमाचल की बेटी नंदिनी ने UPSC जियो-साइंटिस्ट परीक्षा में देशभर में किया टॉप

ऊना की नंदिनी ठाकुर ने UPSC कंबाइंड जियो-साइंटिस्ट 2025 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की
किसान की बेटी ने पहले प्रयास में बिना कोचिंग 787 अंक लेकर किया टॉप
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने दी बधाई


हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला की रहने वाली नंदिनी ठाकुर ने संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित कंबाइंड जियो-साइंटिस्ट परीक्षा 2025 में देशभर में पहला स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। नंदिनी जियोफिजिक्स कैटेगरी में ऑल इंडिया रैंक-1 पर रही हैं। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता से न केवल ऊना बल्कि पूरे हिमाचल में खुशी की लहर है।

नंदिनी ऊना जिले के हरोली विधानसभा क्षेत्र के पंजावर गांव की निवासी हैं। साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली नंदिनी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और मित्रों को दिया है। उनके पिता संजय ठाकुर किसान हैं, जबकि माता राजरानी गृहिणी हैं। छोटे भाई आदित्य ठाकुर भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

नंदिनी ने यह परीक्षा पहले ही प्रयास में बिना किसी कोचिंग के पास की। उन्होंने लिखित परीक्षा में 587 अंक और व्यक्तित्व परीक्षण में 140 अंक प्राप्त किए। इस तरह कुल 787 अंकों के साथ उन्होंने शीर्ष स्थान हासिल किया। नंदिनी बताती हैं कि उन्होंने रोजाना लगभग 14 घंटे पढ़ाई की और पूरी एकाग्रता के साथ लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा।

उनकी प्रारंभिक शिक्षा बढ़ेडा राजपूतां स्कूल से हुई। मैट्रिक और प्लस टू की पढ़ाई पंजावर के सेंट मीरा सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से भौतिकी विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की।

नंदिनी की उपलब्धि पर सुखविंदर सिंह सुक्खू और मुकेश अग्निहोत्री ने बधाई देते हुए इसे पूरे हिमाचल के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि नंदिनी की सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और यह संदेश देती है कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

जियो-साइंटिस्ट क्या करते हैं?
UPSC की इस परीक्षा के माध्यम से चयनित अभ्यर्थी भारत सरकार के विभिन्न वैज्ञानिक विभागों में उच्च पदों पर नियुक्त होते हैं। जियोफिजिक्स विशेषज्ञ पृथ्वी की आंतरिक संरचना का अध्ययन करते हैं। वे भूकंप गतिविधियों का विश्लेषण, भू-गर्भीय सर्वेक्षण, खनिज और ऊर्जा संसाधनों जैसे तेल और गैस की खोज, तथा भूमिगत संरचनाओं की वैज्ञानिक जांच करते हैं। बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसे बांध, सुरंग, सड़क और रेलवे निर्माण में तकनीकी सलाह देना भी उनकी जिम्मेदारी होती है।

नंदिनी ठाकुर की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि छोटे गांव से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया जा सकता है। उनकी सफलता ने हिमाचल के युवाओं में नई उम्मीद और आत्मविश्वास जगाया है।