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हिमाचल कांग्रेस को बड़ा झटका: उपाध्यक्ष नीरज भारती का इस्तीफा

➤ हिमाचल कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज भारती ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दिया

➤ सुक्खू सरकार की कार्यशैली और संगठन-सरकार के बीच बढ़ती दूरी पर गंभीर सवाल उठाए

➤ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और निराशा को इस्तीफे का मुख्य कारण बताया


हिमाचल प्रदेश कांग्रेस को गुरुवार को बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष, पूर्व विधायक और पूर्व कृषि मंत्री चंद्र कुमार के पुत्र नीरज भारती ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक विनय कुमार और जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग शर्मा को भेजा है।

नीरज भारती ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी इस्तीफे की जानकारी साझा की। अपने पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार की कार्यप्रणाली और संगठन तथा सरकार के बीच बढ़ती दूरी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

उन्होंने लिखा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ संघर्ष करते हुए पार्टी को सत्ता में वापस लाने के लिए वर्षों तक मेहनत की, लेकिन सरकार बनने के बाद उनकी अपेक्षाओं को पूरा नहीं किया गया। भारती के अनुसार बीते साढ़े तीन वर्षों में पार्टी के समर्पित और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को केवल निराशा हाथ लगी है।

नीरज भारती ने दावा किया कि कांग्रेस के हार्डकोर और निष्ठावान कार्यकर्ता स्वयं को उपेक्षित, अनसुना और हाशिये पर महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कठिन परिस्थितियों में पार्टी का झंडा उठाए रखा और कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, आज वही कार्यकर्ता खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने अपने इस्तीफे में संगठन और सरकार के बीच बढ़ती खाई को चिंता का विषय बताया। उनके अनुसार यही स्थिति कार्यकर्ताओं में हताशा और निराशा पैदा कर रही है। वर्तमान हालात में स्वयं को सामंजस्य स्थापित करने में असमर्थ बताते हुए उन्होंने संगठनात्मक जिम्मेदारी छोड़ने का फैसला लिया।

हालांकि नीरज भारती ने अपने पत्र में पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में कांग्रेस नेतृत्व समर्पित कार्यकर्ताओं की भावनाओं और समस्याओं को गंभीरता से सुनेगा।

राजनीतिक विश्लेषक इस इस्तीफे को कांग्रेस संगठन के भीतर बढ़ते असंतोष से जोड़कर देख रहे हैं। ऐसे समय में जब पार्टी संगठन को मजबूत करने की कोशिशों में जुटी है, प्रदेश उपाध्यक्ष का इस्तीफा राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे सकता है।

गौरतलब है कि इसी दिन जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने नीरज भारती को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। नोटिस में उन पर अनुशासनहीनता के आरोप लगाए गए थे। पंचायत और निकाय चुनावों के परिणाम आने के बाद से नीरज भारती लगातार अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से मुख्यमंत्री सुक्खू और राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे थे।

फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व की ओर से उनके इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को और गर्मा सकता है।