➤निशांत सरीन बोले, मुझे बदनाम करने की साजिश
➤ईडी जांच में कोई कैश या गोल्ड बरामद नहीं हुआ
➤मैं ईमानदारी से काम करता हूं, कोर्ट में दस्तावेज पेश करूंगा
शिवांंशु शुक्ला, धर्मशाला
धर्मशाला में ईडी की जांच के घेरे में आए अतिरिक्त ड्रग कंट्रोलर (ADC) निशांत सरीन ने खुद पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मुझे बदनाम करने का सुनियोजित षडयंत्र रचा जा रहा है। मैं हमेशा ईमानदारी से काम करता हूं, लेकिन मेरी पदोन्नति को रोकने के लिए लगातार साजिशें की जा रही हैं।
पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में निशांत सरीन ने स्पष्ट किया कि ईडी की जांच के बाद मीडिया में उनके खिलाफ कई खबरें प्रकाशित हुईं, लेकिन किसी ने उनका पक्ष जानने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा, मैं साधन संपन्न परिवार से हूं। मेरे पिता सीएमओ के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और मेरी माता वरिष्ठ अध्यापिका थीं। परिवार की मासिक आय करीब 4 से 5 लाख रुपये रही है। मेरे पिता एक करोड़ की संपत्ति छोड़कर गए हैं।
सेकेंड हैंड खरीदी गई स्कॉर्पियो गाड़ी को लग्जरी वाहन बताया जा रहा है, जबकि वह गाड़ी उन्होंने मित्र की मदद के लिए खरीदी थी। जिन बैंक खातों का जिक्र किया जा रहा है, वे मेरे पूरे परिवार के हैं।
निशांत सरीन ने कहा कि ईडी की छापेमारी में न तो कोई कैश मिला, न ही सोना बरामद हुआ। उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता ने 35 वर्षों तक सरकारी सेवा दी है और मेरी मां को अच्छे आयकरदाता के तौर पर ब्राउन मैडल भी मिला है।
उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी फार्मा कंपनी में उनकी पत्नी या परिवार का कोई भी शेयर नहीं है। उन्होंने कहा, बिलासपुर में पुश्तैनी मकान है, शिमला में लोन लेकर एक घर बनाया है और चंडीगढ़ के मकान के लिए भी बैंक लोन लिया गया है।
निशांत सरीन ने कहा कि जब से उन्होंने धर्मशाला में पदभार संभाला है, तभी से साजिशें रची जा रही हैं। मैं जन्मजात फाइटर हूं और ईडी तथा कोर्ट में सभी दस्तावेज पेश करूंगा।



