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ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने संक्रमण पर शून्य सहनशीलता नीति को जरूरी बताया
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नर्सों के योगदान की सराहना करते हुए नर्सिंग छात्रों को बधाई दी
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नर्सिंग स्कॉलर सोसायटी को ₹1 लाख की घोषणा, नर्सिंग कॉलेजों को किया गया सम्मानित
शिमला, 30 मई। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने आज शिमला स्थित आईजीएमसी के अटल सभागार में आयोजित “संक्रमण के प्रति शून्य सहनशीलता” विषय पर आधारित राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। अपने संबोधन में उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में संक्रमण की रोकथाम को नैतिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि अस्पताल जनित संक्रमण न केवल मरीजों के लिए घातक हैं, बल्कि पूरी स्वास्थ्य प्रणाली की विश्वसनीयता और गुणवत्ता पर भी प्रश्नचिन्ह लगाते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संक्रमण के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति को केवल सिद्धांत नहीं, बल्कि व्यवहारिक रणनीति के रूप में अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला न केवल जागरूकता बढ़ाने, बल्कि संक्रमण नियंत्रण को लेकर प्रभावी तकनीकी रणनीतियों के आदान-प्रदान के लिए भी अत्यंत उपयोगी रही है।
मंत्री ने नर्सों के योगदान को समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि संक्रमण नियंत्रण में उनकी भूमिका अग्रणी होती है। उन्होंने इस क्षेत्र में अध्ययनरत छात्रों को भी बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने नर्सिंग स्कॉलर सोसायटी को ₹1 लाख देने की घोषणा की, जो नर्सिंग शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने में उपयोगी सिद्ध होगा।
अनिरुद्ध सिंह ने यह भी बताया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयासरत है। आधुनिक तकनीक, खाली पदों की भर्ती, और डॉक्टर-नर्स अनुपात को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण मिल सके।
समारोह में उन्होंने प्रदेश के विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिसने आयोजन में जीवंतता ला दी। इस अवसर पर विधायक विनोद सुल्तानपुरी, चंद्रशेखर, आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव, प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर समेत कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



