➤ पालमपुर के पूर्व अधिकारी से ऑनलाइन ट्रेडिंग में 49.65 लाख की ठगी
➤ व्हाट्सएप लिंक और फर्जी ग्रुप के जरिए शातिरों ने दिया झांसा
➤ साइबर पुलिस ने फर्जी लोन एप्स और संदिग्ध लिंक से बचने की जारी की एडवाइजरी
हिमाचल प्रदेश के पालमपुर उपमंडल के एक पूर्व अधिकारी ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड का शिकार हो गए। शातिरों ने उन्हें दोगुना रकम का लालच देकर 49.65 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित अधिकारी ने एक महीने में अलग-अलग ट्रांजेक्शनों के जरिए यह राशि आरोपियों के खाते में जमा करवाई। मामला तब सामने आया जब उन्होंने अपनी राशि निकालने की कोशिश की लेकिन पैसे अटक गए और उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम शिकारी थाना धर्मशाला में शिकायत दर्ज करवाई।
शिकायत के मुताबिक, जुलाई में पीड़ित को व्हाट्सएप लिंक मिला, जिस पर क्लिक करने से वह एक ग्रुप में जुड़ गए। वहां अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में निवेश करने के लिए राजी किया और अच्छे मुनाफे का लालच दिया। धीरे-धीरे उन्होंने लगभग 50 लाख रुपये का निवेश कर डाला। लेकिन जब रकम निकालने का प्रयास किया तो वह फंस गई और रिटर्न न मिलने पर पूरा मामला ठगी का निकला।
वहीं साइबर पुलिस ने चेतावनी दी है कि हाल ही में फर्जी लोन एप्स भी तेजी से लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर यूजर को ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। जैसे ही एप इंस्टॉल होता है, मोबाइल डेटा चोरी, फोन लॉक और निजी जानकारी लीक हो जाती है। पुलिस ने साफ कहा है कि ऐसे किसी भी अज्ञात या अनाधिकृत ऐप को डाउनलोड न करें। यदि किसी ने गलती से डाउनलोड कर लिया है तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल करें और अपने सोशल मीडिया व बैंकिंग पासवर्ड बदल दें। पुलिस के मुताबिक ये ऐप आपके पूरे मोबाइल पर कंट्रोल कर सकते हैं।



