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हिमाचल में राजस्व लोक अदालतों के ज़रिए 3.25 लाख से अधिक मामलों का समाधान

  • हिमाचल में राजस्व लोक अदालतों के ज़रिए 3.25 लाख से अधिक मामलों का समाधान

  • पहली बार आयोजित इन अदालतों ने लोगों को बार-बार चक्कर लगाने से दिलाई राहत

  • डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता की दिशा में सरकार की बड़ी पहल


Revenue Lok Adalat Himachalहिमाचल प्रदेश में राजस्व समस्याओं के समाधान के लिए शुरू की गई ‘राजस्व लोक अदालतें’ उल्लेखनीय रूप से सफल रही हैंराज्य सरकार द्वारा अक्तूबर 2023 में शुरू की गई इस पहल के तहत मार्च 2025 तक कुल 3,25,926 लंबित मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जिससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिली है और सरकारी तंत्र की जवाबदेही और दक्षता में भी वृद्धि हुई है

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इन मामलों में 2,75,004 इंतकाल, 16,258 तकसीम, 27,404 निशानदेही, तथा 7,260 दुरुस्ती के मामले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार इस तरह की राजस्व लोक अदालतों का आयोजन किया गया, जिसने लंबित मामलों को सुलझाने की प्रक्रिया को न केवल तेज किया बल्कि पारदर्शी भी बनाया

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशन में इन अदालतों का आयोजन राज्य भर में तहसील और उप-तहसील स्तर पर नियमित अंतराल पर किया जा रहा है। इससे लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली है, साथ ही राजस्व सेवा वितरण में समयबद्धता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित हुई है।

राजस्व विभाग में डिजिटल टूल्स और तकनीकी प्रणाली को तेजी से अपनाया जा रहा है, ताकि नागरिकों को सेवाएं ऑनलाइन और प्रभावी ढंग से उपलब्ध हो सकें। यह कदम मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए डिजिटल प्लेटफॉर्म के सर्वोत्तम उपयोग के निर्देशों का परिणाम है, जिसका उद्देश्य एक उत्तरदायी, पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत शासन प्रणाली का निर्माण करना है।

सरकार का मानना है कि राजस्व लोक अदालतों के सफल आयोजन से शासन प्रणाली में सहभागिता और समावेशन बढ़ा है, और नागरिकों का भरोसा भी प्रशासनिक तंत्र पर मज़बूत हुआ है।