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परवाणू की शराब फैक्ट्री पर छापा, बिना लाइसेंस हरियाणा के लिए बना रही थी शराब, सील

  • परवाणू सेक्टर-5 की शराब फैक्ट्री बिना लाइसेंस चला रही थी उत्पादन, अप्रैल से रिन्यू नहीं हुआ था लाइसेंस

  • फैक्ट्री में हरियाणा की कंपनियों के लिए 48,000 होलोग्राम, 7,000 लेबल और 40,000 ट्रैक-एंड-ट्रेस स्टीकर मिले

  • 9000 बल्क लीटर ईएनए का स्टॉक कम मिला, जिससे दूसरे राज्यों के लिए अवैध शराब उत्पादन का संदेह



Parwanoo Liquor Raid: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के परवाणू सेक्टर-5 में स्थित एक शराब बनाने वाली कंपनी को बिना लाइसेंस शराब उत्पादन करते हुए पकड़ा गया है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग (प्रवर्तन) की टीम ने सोमवार को कंपनी पर छापा मारा और कई चौंकाने वाले खुलासे किए। बताया गया कि कंपनी का अप्रैल 2025 से लाइसेंस रिन्यू नहीं हुआ था, फिर भी वहां अवैध रूप से शराब का उत्पादन जारी था।

इस कार्रवाई का नेतृत्व अतिरिक्त आयुक्त उज्ज्वल राणा ने किया। उनकी अगुवाई में 10 सदस्यीय टीम ने फैक्ट्री में छापा मारा और जांच के दौरान 9000 बल्क लीटर ईएनए (Extra Neutral Alcohol) का स्टॉक कम पाया गया। ईएनए शराब निर्माण का कच्चा माल होता है और इसका कम मिलना इस बात की ओर इशारा करता है कि इसका उपयोग हरियाणा राज्य की कंपनियों के लिए शराब तैयार करने में किया गया।

जांच के दौरान कंपनी से हरियाणा राज्य के 48,000 होलोग्राम, पानीपत की एक शराब कंपनी ‘संतरा ब्रांड’ के 7,000 लेबल और 40,000 ट्रैक एंड ट्रेस स्टीकर भी बरामद किए गए। ये सभी सामग्री हरियाणा में शराब की वैध बिक्री के लिए उपयोग की जाती है। ऐसे में यह स्पष्ट हुआ कि यह फैक्ट्री हिमाचल में रहकर हरियाणा के लिए शराब तैयार कर रही थी, जो राज्य के नियमों के तहत अवैध है।

इसके बाद विभाग ने तुरंत प्रभाव से फैक्ट्री को सील कर दिया। अतिरिक्त आयुक्त उज्ज्वल राणा ने पुष्टि की है कि यह मामला राज्य कर एवं आबकारी विभाग के प्रवर्तन विंग द्वारा पकड़ा गया दूसरा बड़ा केस है। इससे पहले भी विभाग ने कालाअंब में इसी तरह का मामला पकड़ा था, जहां बाहरी राज्यों के लिए शराब अवैध रूप से तैयार की जा रही थी।

इस कार्रवाई ने राज्य में शराब कारोबार से जुड़े अवैध नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और आने वाले दिनों में और भी छापेमारी की संभावना जताई जा रही है।